'ऐसे कामों में ये सब होता है, हम कार्रवाई के लिए तैयार...', लखनऊ में बुलडोजर एक्शन पर वकीलों के विरोध पर बोले DCP

लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट परिसर के बाहर बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. वकीलों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है. वहीं इन आरोपों पर डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित का बड़ा बयान आया है.

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वकीलों के चैबरों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर आया डीसीपी का बयान. (Photo: Screengrabs) वकीलों के चैबरों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर आया डीसीपी का बयान. (Photo: Screengrabs)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:46 AM IST

लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट परिसर के बाहर बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर नगर निगम की कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रविवार को नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई की. इस दौरान कई वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में जरूरत से ज्यादा कार्रवाई करने का आरोप लगाया. घटना के बाद वकीलों में भारी नाराजगी है और उन्होंने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.

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पुराने हाईकोर्ट परिसर के आसपास लंबे समय से वकीलों के अस्थायी और स्थायी चैंबर बने हुए थे. प्रशासन का कहना है कि इनमें से कई चैंबर अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाए गए थे. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. रविवार सुबह भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और चैंबरों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी.

कार्रवाई के दौरान कई वकीलों ने विरोध जताया. कुछ वकीलों ने अपने चैंबरों के अंदर बैठकर विरोध किया, जबकि कई अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट की तरफ से केवल 72 अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर तोड़ दिए. उनका कहना है कि कई वैध चैंबरों को भी बिना उचित जांच के गिरा दिया गया.

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प्रशासन ने वकीलों के आरोपों को किया खारिज
प्रशासन ने वकीलों के इन आरोपों को खारिज किया है. डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने कहा कि अवैध कब्जा करने वाले लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे. उन्होंने बताया कि पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. डीसीपी ने कहा कि ऐसी कार्रवाई में विरोध होना सामान्य बात है. ये सब होता है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई के लिए तैयार है.

वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा. फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि समय रहते मामले को हल नहीं किया गया तो  आने वाले दिनों में अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो सकता है. 

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