टुंडे कबाब से लेकर शर्मा जी की चाय हुई फीकी! लखनऊ के जायके पर LPG की किल्लत का असर

लखनऊ में LPG गैस की किल्लत का असर अब शहर के मशहूर फूड जॉइंट्स पर भी दिखाई देने लगा है. टुंडे कबाब, बाजपेई कचौरी भंडार और शर्मा जी की चाय जैसे प्रसिद्ध खाने-पीने के ठिकानों को गैस की कमी के कारण कोयले के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे कामकाज का समय घट गया है और कारोबार पर भी असर पड़ रहा है.

Advertisement
LPG की किल्लत से नामी फूड जॉइंट्स में कारोबार पर असर (Photo: Screengrab) LPG की किल्लत से नामी फूड जॉइंट्स में कारोबार पर असर (Photo: Screengrab)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:40 PM IST

लखनऊ अपने खास खानपान और स्वाद के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में जाना जाता है. यहां के कई मशहूर फूड जॉइंट्स पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग खाने के लिए पहुंचते हैं. लेकिन इन दिनों LPG गैस की किल्लत का असर शहर के नामी खाने-पीने के ठिकानों पर भी दिखाई देने लगा है. गैस की कमी के कारण कई दुकानों को अब कोयले के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है.

Advertisement

लखनऊ के प्रसिद्ध टुंडे कबाब की बात करें तो यहां देश और विदेश से लोग कबाब खाने आते हैं. बॉलीवुड से जुड़े कई लोग भी यहां आ चुके हैं. लेकिन गैस की कमी के कारण यहां का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है. दुकान मालिक उस्मान बताते हैं कि पहले दुकान सुबह 11 बजे खुल जाती थी और उसी समय से कबाब बनना शुरू हो जाते थे. अब गैस की किल्लत के कारण कबाब दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद ही चढ़ पाते हैं. पहले कबाब गैस पर बनते थे, लेकिन अब उन्हें कोयले पर बनाना पड़ रहा है.

 फेमस फूड जॉइंट्स पर LPG की किल्लत का असर
 

इसी तरह बाजपेई कचौरी भंडार में भी आम दिनों की तरह लोगों की लंबी कतार लगी रहती है. हालांकि यहां भी गैस की किल्लत का असर दिखाई दे रहा है. दुकानदार के अनुसार उनके पास अब सिर्फ एक आखिरी सिलेंडर बचा है. अगर गैस नहीं मिली तो अगले दिन से पूरियां कोयले की भट्ठी पर तलनी पड़ेंगी. उन्होंने बताया कि पहले दुकान करीब 11 घंटे खुलती थी, लेकिन अब गैस की कमी के कारण सिर्फ 9 घंटे ही काम हो पा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही तो पूरी और कचौरी के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं.

Advertisement
लखनऊ के फेमस फूड जॉइंट्स पर LPG की किल्लत का असर

शहर की मशहूर शर्मा जी की चाय पर भी गैस की कमी का असर देखा जा रहा है. यहां चाय पहले से ही कोयले पर बनाई जाती है, लेकिन समोसे गैस स्टोव पर तले जाते थे. दुकानदार मानव बताते हैं कि अब समोसे भी गैस की जगह चूल्हे पर बनाए जा रहे हैं. इससे समय ज्यादा लग रहा है और कारोबार पर भी असर पड़ रहा है.

गैस की कमी से समय कम, दुकान अब 9 घंटे ही खुलेगी

गैस संकट से कारोबार पर हो रहा असर

लखनऊ के इन मशहूर फूड जॉइंट्स का कहना है कि अगर LPG की किल्लत जल्द खत्म नहीं हुई तो कामकाज पर और ज्यादा असर पड़ सकता है. फिलहाल शहर के कई प्रसिद्ध खाने-पीने के ठिकाने गैस की कमी के बीच किसी तरह अपना कारोबार चलाने की कोशिश कर रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement