कानपुर में जुड़वां बहनों रिद्धि और सिद्धि की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बच्चियों के गले पर लगभग 4 सेमी लंबा और 3 सेमी चौड़ा गहरा घाव पाया गया. जांच में सामने आया कि आरोपी पिता ने चापड़ को गले पर टिकाकर उस पर हथौड़े से प्रहार किया, जिससे श्वासनली पूरी तरह कट गई और मौके पर ही मौत हो गई.
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी इस क्रूरता को देखकर हैरानी जताई. वार इतना गहरा था कि करीब 12 वर्ग सेंटीमीटर का गंभीर घाव बन गया था. हालांकि शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी तरह की चोट नहीं मिली.
पुलिस ने तेज की जांच, जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुई इस वारदात के बाद पुलिस जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, करीब दो हफ्ते के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है. केस को मजबूत बनाने के लिए हर पहलू पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
तीन अहम गवाहों पर टिकी जांच
इस मामले में आरोपी शशिरंजन मिश्रा की पत्नी रेशमा, अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड प्रेमनारायण दीक्षित और घरेलू सहायिका अमरावती उर्फ आशा को मुख्य गवाह बनाया गया है. तीनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. पत्नी ने घरेलू परिस्थितियों और घटना से पहले के हालात पर रोशनी डाली है, जबकि गार्ड और नौकरानी ने आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी दी है.
फोरेंसिक और सीसीटीवी से मजबूत होगा केस
मौके पर किए गए बेंजाडाइन टेस्ट में आरोपी के हाथों और कपड़ों पर बच्चियों का खून मिलने की पुष्टि हुई है, जो केस में अहम सबूत है. वहीं, घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है. पुलिस इन फुटेज के जरिए घटना की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है. आरोपी ने भी अपराध स्वीकार कर लिया है.
पहले से रची गई साजिश की आशंका
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ आरोपी ने घटना से कुछ दिन पहले मूलगंज इलाके से खरीदा था. इससे यह संकेत मिलता है कि वारदात पहले से योजना बनाकर की गई हो सकती है.
परिवार ने भी किया किनारा
घटना के बाद आरोपी के परिवार ने उससे दूरी बना ली है. पत्नी रेशमा द्वारा जानकारी देने पर गया में रहने वाले उसके बड़े भाई ने साफ कहा कि इस घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे कानपुर नहीं आएंगे.
सिमर चावला