उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आईटीबीपी में तैनात एक जवान पिछले तीन दिनों से अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाता फिर रहा है. जवान ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.
आपको बता दें कि विकास सिंह, महाराजपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में आईटीबीपी में सिपाही के पद पर तैनात हैं. पीड़ित जवान के मुताबिक, उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत होने पर टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. आरोप है कि भर्ती के अगले ही दिन इलाज के दौरान लापरवाही की वजह से उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया. हालत बिगड़ने पर अस्पताल ने उन्हें पारस अस्पताल रेफर कर दिया.
पारस अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि संक्रमण पूरे हाथ में फैल चुका है और महिला की जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी हो गया है. इसके बाद 17 मई को ऑपरेशन कर महिला का दाहिना हाथ काट दिया गया.
जवान का आरोप है कि घटना के बाद वह लगातार थाना रेल बाजार के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. कार्रवाई न होने से परेशान जवान मंगलवार को अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच गया.
इस घटना में जवान की बटालियन में खलबली मची हुई है. बटालियन में लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने बताया कि पहले मे पहले भी कृष्णा हॉस्पिटल में हमारे दो जवानों के साथ घटना हो चुकी है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पूरे प्रकरण की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं. वहीं, महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.
सिमर चावला