कानपुर के गोविंद नगर इलाके में दो युवक खुद को इंडियन ऑयल का अधिकारी बताकर एक घर में घुस गए. इस दौरान बड़ी सफाई से दो गैस सिलेंडर लेकर भाग निकले. इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है. यह वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है.
पीड़िता कीर्ति वर्मा एक स्कूल में टीचर हैं और गोविंद नगर की कॉलोनी में रहती हैं. उनके परिवार में उनकी भाभी सरोजिनी और भतीजी भी साथ रहती हैं. घटना के दिन कीर्ति स्कूल गई हुई थीं और घर पर उनकी भाभी और भतीजी मौजूद थीं.
कृति के मुताबिक, दोपहर को दो युवक बाइक से आए और बोले कि हम इंडियन ऑयल के अधिकारी हैं. इस समय गैस की कमी है. इसलिए बहुत से लोग ब्लैक में सिलेंडर बेच रहे हैं. लोग घर में ज्यादा सिलेंडर रखकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं. इसलिए हम लोग घर-घर जाकर सिलेंडर चेक कर रहे हैं. यह कहते हुए दोनों घर के अंदर आ गए, कहने लगे कि चलो अपना किचन दिखाओ.
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भाभी और भतीजी ने सोचा कि शायद गैस कंपनी के अधिकारी होंगे, जो चेकिंग करने आए हैं. उन्होंने दोनों को किचन में रखा सिलेंडर दिखा दिया, एक भरा हुआ था और एक खाली था. दोनों उसका नंबर चेक करने के बहाने सिलेंडर दरवाजे पर ले गए. इस दौरान उन्होंने कहा कि जाइए इसकी रसीद लेकर आइए, देखें इसी नंबर की रसीद है कि नहीं. भाभी भतीजी के साथ कमरे में रसीद लेने चली गईं. इसी दौरान दोनों ने बाइक पर दोनों सिलेंडर रखे और मौके से फरार हो गए. उनको भागते देखकर भाभी और भतीजी चिल्लाई भीं.
आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग बाहर आ गए, लेकिन तब तक दोनों फरार हो चुके थे. इस दौरान दोनों भागते हुए मोहल्ले में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गए. दोनों बाइक से दो सिलेंडर लेकर जाते दिख रहे हैं. थाना इंचार्ज रितेश कुमार सिंह का कहना है कि टीचर की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. इलाके से सीसीटीवी फुटेज निकालकर आरोपियों की तलाश की जा रही है. उनकी बाइक का नंबर निकाल कर जल्द पकड़ लिया जाएगा.
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पहचान पत्र देखे घर में प्रवेश न करने दें. यदि कोई खुद को किसी कंपनी या विभाग का अधिकारी बताता है, तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही उस पर भरोसा करें. ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. कभी बैंक अधिकारी बनकर, तो कभी सरकारी कर्मचारी बनकर... ये आरोपी लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर वारदात को अंजाम देते हैं.
रंजय सिंह