कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में 2 अप्रैल को 50 साल के आशीष शर्मा का शव घर में मिला था. शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लग रहा था. मृतक को शराब पीने की आदत थी. वहीं जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो पता चला कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. आशीष शर्मा हमीरपुर का रहने वाला था. वह जिला बदर होने के बाद से कानपुर में रह रहा था.
दरअसल, हमीरपुर में रहने वाले मृतक के बेटे लवकुश ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके पिता फोन नहीं उठा रहे. जब वह पुलिस के साथ घर पहुंचा तो देखा कि पिता का शव घर में पड़ा हुआ है. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई. बेटे ने पिता की हत्या के मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती यह थी कि हत्या का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल रहा था. वहीं उसकी पत्नी आरती हमीरपुर में रहती थी, जिससे संदेह और भी कम हो गया था. जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. करीब 200 से अधिक कैमरों की जांच के बाद पुलिस को एक अहम सुराग मिला. एक फुटेज में देखा गया कि आधी रात को एक महिला एक युवक के साथ मृतक के घर में एंट्री करती है और कुछ देर बाद वहां से निकल जाती है.
पुलिस ने उस महिला की पहचान करने के लिए टीम हमीरपुर भेजी. वहां स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि वह महिला कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी आरती ही है. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की.
पूछताछ में आरोपी पत्नी ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला था. उसने बताया कि उसका हमीरपुर के रहने वाले सबलू नाम के युवक के साथ लंबे समय से अफेयर चल रहा था. उसी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी.
पुलिस के अनुसार, 1 अप्रैल की रात आरती अपने प्रेमी के साथ सैकड़ों किलोमीटर चलकर कानपुर पहुंची. उसे पता था कि उसका पति रात में शराब के नशे में रहता है, इसलिए इसी का फायदा उठाया. दोनों ने घर में घुसकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर वहां से फरार हो गए.
हत्या के बाद आरोपी पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की थी. उसने दावा किया कि उसके पति की हत्या मकान मालिक ने की है. लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सच्चाई सामने आ गई.
2022 में मृतक को हुई थी जेल, इसके बाद जिलाबदर
पुलिस का कहना है कि मृतक आशीष हिस्ट्रीशीटर था. साल 2022 में उसने हमीरपुर के जंगल में घूमने आई एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद उसको जेल भेजा गया था. फिर उसको जिला बदर कर दिया था. तभी से वह कानपुर में रह रहा था.
आरती ने पुलिस के सामने कहा कि वह मुझको मारता था. हमीरपुर फॉरेस्ट कांड में सबलू भी पति के साथ जेल गया था. पति के जिला बदर होने के बाद मेरी उससे नजदीकी बढ़ गई थी.
एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका प्रेमी अभी फरार है. उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. उन्होंने बताया कि यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी. आरोपी महिला के तीन बच्चे हैं. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी है.
रंजय सिंह