कानपुर देहात में जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश और रुपये के लेन-देन को लेकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया. जिससे उसकी मौत हो गई. हमले में मृतक की पत्नी और पुत्री भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. घटना से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है. मामला शिवली कोतवाली क्षेत्र के मलिकपुर गांव का है.
मृतक की पहचान देवकीनंदन पासी के रूप में हुई है, जो मलिकपुर गांव का निवासी था. सुरभि इंटर कॉलेज में चौकीदार के पद पर कार्यरत था. बताया गया है कि स्कूल प्रबंधन से विवाद के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. जिसके बाद वह स्कूल परिसर के बाहर झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रहने लगा था. इसी बात को लेकर उसका लंबे समय से विवाद चल रहा था.
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परिजनों के अनुसार आरोपी गोविंद सिंह आए दिन शराब के नशे में देवकीनंदन से गाली-गलौज करता था. इसकी शिकायत कई बार पुलिस से की गई. लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. रविवार रात करीब 10 बजे आरोपी फिर शराब के नशे में गाली-गलौज करने लगा. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी भाग निकला. देवकीनंदन ने कोतवाली में तहरीर दी. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया.
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
इसी बीच रात करीब 11:30 बजे गोविंद सिंह अपनी पत्नी संगम, पुत्र पीयूष और 5-6 अज्ञात लोगों के साथ कुल्हाड़ी, चाकू व अन्य धारदार हथियार लेकर देवकीनंदन के घर में घुस आया. आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया. सिर पर कुल्हाड़ी लगने से देवकीनंदन गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा. वहीं उसे बचाने आई पत्नी ममता और पुत्री गोमती को भी बेरहमी से पीटा गया.
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घटना की सूचना पर पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी शिवली पहुंचाया, जहां से देवकीनंदन की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.
परिजनों का आरोप है कि दूसरी घटना के बाद पुलिस ने मृतक की बेटी से तहरीर लेकर गाली-गलौज और मारपीट जैसी हल्की धाराओं में ही मुकदमा दर्ज किया. उनका कहना है कि यदि पहली घटना में ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो देवकीनंदन की जान बच सकती थी. घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है.
तनुज अवस्थी