पहले फ्लैट में लगी आग, फिर मिली लड़की की लाश… बेंगलुरु इंजीनियर मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा

बेंगलुरु में एक घर में लगी आग ने पहले हादसे का रूप लिया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनीखेज सच उजागर कर दिया. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत जलने से नहीं, बल्कि गला घोंटकर की गई थी. पुलिस ने 9 दिन बाद पड़ोसी कॉलेज छात्र को गिरफ्तार कर हत्या और सबूत मिटाने का खुलासा किया.

Advertisement
34 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला डीके की रहस्यमय मौत की गुत्थी सुलझी. (Photo: ITG) 34 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला डीके की रहस्यमय मौत की गुत्थी सुलझी. (Photo: ITG)

आजतक ब्यूरो

  • बेंगलुरु ,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पॉश राममूर्ति नगर इलाके में एक फ्लैट में लगी आग ने पहले सबको हादसा लगने का आभास दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो यह मामला एक साजिशन हत्या में बदल गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फ्लैट में रहने वाली महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत आग से नहीं, बल्कि गला घोंटकर की गई थी.

ये घटना 3 जनवरी की रात की है. सुब्रह्मण्यम लेआउट स्थित एक अपार्टमेंट से रात 10.30 बजे अचानक आग की लपटें उठने लगीं. आसपास के लोगों ने फौरन फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी. यह वही फ्लैट था, जहां किराए पर दो युवतियां रहती थीं. आग की भयावहता देखकर लोगों को आशंका हुई कि अंदर कोई फंसा हो सकता है.

Advertisement

मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का ऑपरेशन शुरू किया. जब दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए, तो एक युवती की लाश मिली. फ्लैट अंदर से बंद था. शुरुआती हालात देखकर यह माना गया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी और दम घुटने से मौत हुई होगी. मृतका की पहचान 34 साल की शर्मिला डीके के रूप में हुई, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी. 

वो इस फ्लैट में एक रूममेट के साथ रहती थी, लेकिन वारदात के समय वो असम गई हुई थी. शर्मिला मूल रूप से मैंगलुरु की रहने वाली थी और इन दिनों फ्लैट में अकेली रह रही थी. पुलिस ने पहले अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल की बारीकी से जांच कराई गई. फ्लैट में कपड़े और सामान जले हुए थे.

Advertisement

पुलिस को शर्मिला का मोबाइल फोन नहीं मिला. यहीं से शक हुआ कि मामला सिर्फ आग का नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया. रिपोर्ट में साफ हुआ कि शर्मिला की मौत गला घोंटने से हुई थी. उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जो मौत से पहले संघर्ष की ओर इशारा कर रहे थे. 

पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने बताया कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है. इसके बाद पुलिस ने संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि शर्मिला के फ्लैट के बगल में रहने वाला 18 साल का कॉलेज छात्र के कुरई वारदात के बाद से गायब है. वह कोडागू जिले के बिराजपेट का रहने वाला था.

पड़ोसी होने के नाते शर्मिला और उसकी रूममेट से कभी-कभी बातचीत करता था. इसी बीच पुलिस ने शर्मिला के लापता मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया. मोबाइल की लोकेशन ट्रैक होने के बाद पुलिस के कुरई तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया. उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने जुर्म कबूल कर लिया.

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 3 जनवरी की रात वो गलत नीयत से स्लाइडिंग खिड़की खोलकर शर्मिला के फ्लैट में घुस गया था. अचानक उसे सामने देखकर शर्मिला घबरा गई और शोर मचाने लगी. जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. पकड़े जाने के डर से सबूत मिटाने के लिए फ्लैट में आग लगा दी. 

Advertisement

आरोपी ने खून से सने कपड़ों को जलाया और वहां से फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया है. वारदात के 9 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में आगे की जांच जारी है. पुलिस आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement