1.34 करोड़ की कमाई, 18 करोड़ की संपत्ति: कानपुर में रिटायर्ड टैक्स अफसर पर विजिलेंस का शिकंजा

यूपी के कानपुर में विजिलेंस ने सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. जांच में सामने आया कि उनकी वैध आय जहां करीब 1.34 करोड़ रुपये थी, वहीं खर्च और संपत्ति 18 करोड़ रुपये से अधिक पाई गई है.

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एक करोड़ कमाने वाले केशव लाल ने 18 करोड़ खर्च किए. (File Photo: ITG) एक करोड़ कमाने वाले केशव लाल ने 18 करोड़ खर्च किए. (File Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • कानपुर,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का केस दर्ज किया गया है. विजिलेंस विभाग की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिनके मुताबिक उनकी वैध आय और वास्तविक संपत्ति में भारी अंतर मिला है.

विजिलेंस की कानपुर यूनिट में दर्ज एफआईआर के अनुसार, केशव लाल ने अपने पूरे सरकारी करियर में वैध स्रोतों से कुल लगभग 1 करोड़ 34 लाख रुपये की आय अर्जित की. लेकिन जांच में सामने आया कि उन्होंने करीब 18 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च किए. इस तरह उनकी आय से लगभग 17 करोड़ 26 लाख रुपये अधिक संपत्ति और खर्च पाया गया.

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यह मामला पहली बार तब सुर्खियों में आया था, जब अप्रैल 2017 में केशव लाल के नोएडा स्थित आवास पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की थी. उस दौरान घर से करीब 10 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए थे. छापेमारी के दौरान यह भी सामने आया था कि नोटों की गड्डियां घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई थीं, यहां तक कि पूजा घर और बाथरूम तक में कैश मिला था.

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इस कार्रवाई के बाद मई 2017 में सरकार ने केशव लाल को जबरन रिटायरमेंट दे दिया था. इसके बाद से ही उनकी संपत्तियों को लेकर जांच चल रही थी.

विजिलेंस विभाग ने अगस्त 2023 से इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी. जांच के दौरान केशव लाल के गृह जनपद चंदौली के अलावा कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में कई कीमती संपत्तियों के दस्तावेज मिले. लखनऊ में उनके दो मकान, जबकि अन्य शहरों में कई प्लॉट और प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है.

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जांच पूरी होने के बाद जब रिपोर्ट शासन को भेजी गई, तो वहां से केस दर्ज करने की मंजूरी दे दी गई. इसके बाद विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानपुर में केस दर्ज कर लिया है.

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे मामले में क्या किसी और व्यक्ति की भी भूमिका रही है. फिलहाल, विजिलेंस की टीम इस केस में आगे की कार्रवाई कर रही है.

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