कानपुर के घाटमपुर में शादी की खुशियां उस समय दर्द में बदल गईं, जब विवाह समारोह से पहले घर में लगी आग ने पूरे परिवार को झुलसा दिया. हादसे में दुल्हन समेत 12 लोग घायल हो गए, लेकिन मुश्किल हालात में दूल्हे ने ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को भावुक कर दिया. यह घटना लोगों को हिंदी फिल्म 'विवाह' की याद दिला गई, जहां विपरीत परिस्थितियों में भी रिश्ते की मजबूती दिखाई गई थी.
घाटमपुर क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश की बेटी श्वेता की शादी गुरुवार को तय थी. बुधवार रात घर में मेहंदी और अन्य रस्में चल रही थीं. रिश्तेदारों और मेहमानों की मौजूदगी में खाना बन रहा था, तभी गैस सिलेंडर की पाइप में लीकेज होने से अचानक आग भड़क उठी. अफरा-तफरी के बीच आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन गर्म तेल से भरी कढ़ाई पलटने से कई लोग झुलस गए.
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हादसे में दुल्हन श्वेता समेत 12 लोग घायल हो गए. सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस से घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल श्वेता को कानपुर के जाजमऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल पहुंचा दूल्हा, शादी टालने से किया इनकार
घटना की जानकारी मिलते ही दूल्हा विकास सिंह अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंच गया. परिजनों ने हालात देखते हुए शादी स्थगित करने की सलाह दी, लेकिन विकास ने साफ कहा कि वह हर परिस्थिति में श्वेता का साथ निभाएगा. इसके बाद दोनों परिवारों और अस्पताल प्रशासन की सहमति से बर्न वार्ड को अस्थायी मंडप में बदलने का फैसला लिया गया.
अस्पताल में भर्ती श्वेता के पास बैठकर विकास ने सभी वैवाहिक रस्में निभाईं. उसने दुल्हन की मांग में सिंदूर भरकर जीवनभर साथ रहने का वचन दिया. इस भावुक दृश्य को देखकर अस्पताल स्टाफ और परिजन भी भावुक हो उठे.
भावुक पल बना मिसाल
मुश्किल हालात में निभाया गया यह रिश्ता हर किसी के लिए मिसाल बन गया. डॉक्टरों के अनुसार दुल्हन की हालत पहले से बेहतर है और उसका उपचार जारी है. यह घटना विपरीत परिस्थितियों में भी रिश्तों की मजबूती और समर्पण का प्रतीक बन गई है.
सिमर चावला