यूपी विजिलेंस की गोरखपुर यूनिट ने मऊ जिला पूर्ति कार्यालय के टाइपिस्ट गगन कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की. विजिलेंस की 24 सदस्यीय तीन टीमों ने एक साथ बिहार के बांका, भागलपुर और झारखंड के देवघर में छापेमारी की. इस दौरान टाइपिस्ट की 17 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति उजागर हुई. जांच में करोड़ों के आलीशान मकान, बड़े गोदाम, फ्लैट और जमीन के 33 रजिस्ट्री कागजात बरामद किए गए. यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ गोपनीय जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर तीन अलग-अलग जिलों में अंजाम दी गई.
बिहार और झारखंड में फैला करोड़ों का साम्राज्य
विजिलेंस की जांच में सामने आया कि टाइपिस्ट गगन कुमार सिंह ने बिहार और झारखंड में भारी निवेश किया है. उसके पैतृक निवास बांका (बिहार) में 4 करोड़ 29 लाख रुपये की कीमत का एक गोदाम और 1 करोड़ 70 लाख रुपये का आलीशान मकान मिला है.
इसके अलावा, भागलपुर में 34 लाख रुपये का एक फ्लैट भी जांच में सामने आया है. टाइपिस्ट की काली कमाई का जाल यहीं नहीं रुका, बल्कि झारखंड के देवघर में भी उसने 1 करोड़ 17 लाख रुपये की कीमत का गोदाम बनवा रखा था.
प्लॉट और फार्म हाउस की 33 रजिस्ट्रियां बरामद
विजिलेंस की गोरखपुर सेक्टर यूनिट को छापेमारी के दौरान निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं. टीम को कुल 33 ऐसी रजिस्ट्रियां मिली हैं, जो टाइपिस्ट द्वारा खरीदे गए विभिन्न प्लॉट और फार्म हाउस से संबंधित हैं.
महज एक टाइपिस्ट के पद पर रहते हुए इतनी बड़ी संपत्ति अर्जित करना अब जिला प्रशासन और विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है. फिलहाल, विजिलेंस की टीम आय से अधिक संपत्ति के इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संपत्तियों का पता लगा रही है.
संतोष शर्मा