झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. यहां मसाज पार्लर में काम करने वाली मणिपुर की युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इसके बाद उसके शव को कब्रिस्तान में दफनाने की कोशिश की गई. फिलहाल, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अब इस मामले में दोस्ती, अफेयर, पहचान और मौत की वजहों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित जीवन शाह कब्रिस्तान में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक और युवती लोडिंग गाड़ी से एक महिला का शव लेकर पहुंचे. दोनों ने खुद को भाई-बहन बताते हुए शव को दफनाने की बात कही. कब्रिस्तान कर्मचारियों को संदेह हुआ तो उन्होंने आधार कार्ड मांगे.
इसमें पता चला कि शव मणिपुर की रहने वाली क्रिश्चियन युवती का है, जबकि शव लाने वाले दोनों लोग मुस्लिम समुदाय से हैं. इसके बाद कब्रिस्तान प्रबंधन ने शव दफनाने से साफ इनकार कर दिया और सूचना पुलिस को दी. मृतका सिम्मी उर्फ टेरेसा मणिपुर की रहने वाली थी. झांसी में एक मसाज सेंटर में काम करती थी. उसका पति दिल्ली में नौकरी करता है. सूचना मिलने पर युवती का पति अपने रिश्तेदार के साथ झांसी पहुंचा और मौत के मामले में जांच की मांग की.
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मृतका की सहेली के मुताबिक, सिम्मी पिछले कुछ दिनों से बीमार थी, उसका सिविल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी डॉक्टर से इलाज कराया गया. इसी के चलते उसकी मौत हो गई. मौत से पहले सिम्मी ने शव दफनाने की बात कही थी. सहेली ने कहा कि वह शव को परिजनों के आने तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर में रखवाकर लाई थी.
मृतका के कथित प्रेमी ने कहा कि उनकी मुलाकात 4-5 महीने पहले मसाज पार्लर के जरिए हुई थी. सिम्मी ने खुद को अविवाहित और परेशान बताया था. उसे शराब पीने की आदत थी और वह पिछले 10 दिन से बीमार थी. उसने इलाज कराने की कोशिश की और परिवार को सूचना दी. उसने कब्रिस्तान में दफनाने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह शव को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए लेकर जा रहा था, न कि दफनाने के लिए. हालांकि, कब्रिस्तान चौकीदार के बयान इससे अलग हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है.
मृतका के पति के साथ पहुंचे रिश्तेदार ने क्या कहा?
मृतका के पति के साथ झांसी पहुंचे रिश्तेदार अमन ने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए कहा कि सिम्मी की मौत के बाद उसे कब्रिस्तान ले जाया गया. जल्दबाजी में दफनाने की तैयारी की जा रही थी, अगर समय रहते मामला न खुलता तो बिना जांच के शव दफना दिया जाता. उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की.
जीवन शाह कब्रिस्तान कमेटी के सदस्य इमरान खान ने कहा कि चौकीदार ने मामले में संदेह जताते हुए सूचना दी थी. शव लाने वाले अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे. कफन और दफनाने की तैयारी भी संदिग्ध थी.
पूछताछ में लोग बार-बार अपनी पहचान बदल रहे थे. उन्होंने बताया कि ये लोग पहले कानपुर चुंगी कब्रिस्तान भी गए थे, जहां से उन्हें लौटा दिया गया था. कमेटी की सख्ती के चलते बिना पहचान और संदिग्ध परिस्थितियों में शव को दफनाने की कोशिश को रोक दिया गया.
फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए नवाबाद थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. संबंधित लोगों को थाने में लाकर पूछताछ शुरू कर दी है. मौत के कारण और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी.
अजय झा