'पहले से बहुत ज्यादा आ रहा बिल...' जालौन में स्मार्ट मीटर के खिलाफ संग्राम, सड़कों पर उतरीं महिलाएं

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के माधौगढ़ में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने मीटर उखाड़कर सड़क पर रख दिए और चक्का जाम कर दिया. लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं.

Advertisement
लोग बोले- ये मीटर लगने के बाद से बहुत ज्यादा आ रहा बिल. (Photo: Screengrab) लोग बोले- ये मीटर लगने के बाद से बहुत ज्यादा आ रहा बिल. (Photo: Screengrab)

अलीम सिद्दीकी

  • जालौन,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:05 AM IST

यूपी के​ जालौन में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर जनता का आक्रोश फूट पड़ा है. माधौगढ़ नगर में सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया. गुस्साए ग्रामीणों ने न सिर्फ बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर हाथों में ले लिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए.

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा आ रहे हैं, जिससे आम आदमी की कमर टूट गई है. मामला जालौन के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र का है. यहां के लोग पिछले काफी समय से स्मार्ट मीटरों की तकनीकी खामियों और बढ़े हुए बिलों को लेकर शिकायत कर रहे थे. समाधान न मिलने पर आक्रोश फूट पड़ा.

Advertisement

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीते दिनों जिलाधिकारी (DM) ने समस्या के समाधान के लिए तीन दिन का आश्वासन दिया था. समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. प्रदर्शन के चलते माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र की सड़क पर घंटों जाम लगा रहा.

यह भी पढ़ें: इटावा: 1.60 लाख का बिजली बिल देख गरीब चाय वाले को आया हार्ट अटैक, मौत के बाद बवाल

महिलाएं हाथों में मीटर लेकर सड़क के बीचों-बीच बैठ गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. जाम और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. भारी पुलिस बल प्रदर्शनकारियों और महिलाओं को समझाने-बुझाने में जुटा रहा, लेकिन ग्रामीण स्मार्ट मीटर हटाओ, पुरानी व्यवस्था लाओ के नारों पर अड़े रहे.

बिजली उपभोक्ता प्रमोद चौधरी ने बताया कि हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है. बिल इतना आ रहा है कि हम खाना खाएं या बिजली का बिल भरें? जिलाधिकारी ने तीन दिन का समय दिया था, लेकिन समाधान शून्य है. बिजली उपभोक्ता मोहनी ने कहा कि मीटर इतनी तेजी से भागते हैं, जैसे कोई मशीन हो. हम गरीब लोग कहां से इतना पैसा लाएंगे? जब तक ये मीटर नहीं हटेंगे, हम सड़क से नहीं उठेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement