मेरठ में अलमारी के पीछे 'मौत का बेसमेंट': कपड़े रखने की जगह से खुलता था तहखाने का राज, BCA छात्र समेत 4 गिरफ्तार

Meerut Illegal Weapon Factory: मेरठ पुलिस ने इंचौली के खरदौनी गांव में अलमारी के पीछे छिपे गुप्त तहखाने में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मास्टरमाइंड इमरान और बीसीए छात्र उमंग समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बने और अधबने तमंचे व कच्चा माल बरामद किया है.

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मेरठ में तहखाने में चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री (Photo- Screengrab) मेरठ में तहखाने में चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री (Photo- Screengrab)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

Uttar Pradesh News: मेरठ की इंचौली पुलिस ने देर रात खरदौनी गांव में एक घर पर छापा मारकर अलमारी के नीचे संचालित अवैध हथियार फैक्ट्री को पकड़ा है. मुख्य आरोपी इमरान ने अपने साथियों कुलदीप, नरेंद्र और उमंग ठाकुर के साथ मिलकर घर की अलमारी के भीतर से तहखाने का रास्ता बनाया हुआ था. पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर इस गुप्त यूनिट पर कार्रवाई करते हुए पांच तैयार तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए. आरोपियों ने हाल ही में व्हाट्सएप के जरिए तस्करी नेटवर्क स्थापित कर हथियारों की सप्लाई शुरू की थी.

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अलमारी के अंदर था 'मौत' का रास्ता

मेरठ के खरदौनी गांव में पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब उन्हें घर में रखी एक साधारण सी कपड़े की अलमारी के पीछे गुप्त रास्ता मिला. एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि यह रास्ता सीधे बेसमेंट यानी तहखाने में खुलता था, जहां अवैध शस्त्र बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था.पुलिस ने मौके से मुख्य सरगना इमरान के साथ तीन अन्य लोगों को धर दबोचा. जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने तकनीक का सहारा लेकर व्हाट्सएप के जरिए अपना नेटवर्क फैला रखा था.

तस्करी नेटवर्क में बीसीए का छात्र शामिल

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 19 वर्षीय उमंग ठाकुर उर्फ देव ने सबको चौंका दिया, जो खुद को बीसीए का छात्र बताता है. वह इस गिरोह में तमंचा तस्करी की सक्रिय भूमिका निभा रहा था. मास्टरमाइंड इमरान के साथ मिलकर 37 वर्षीय कुलदीप और नरेंद्र भी इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे. पुलिस के मुताबिक, इनमें से कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है. पकड़े गए बदमाशों के पास से भारी मात्रा में कच्चा माल और शस्त्र बनाने के औजार मिले हैं.

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मेरठ में पहले भी मिले 'पाताल' वाले कारखाने

अवैध शस्त्रों के खिलाफ मेरठ पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मेरठ में एक ऐसी ही फैक्ट्री का खुलासा हुआ था, जहां बेड के अंदर से तहखाने का रास्ता बनाया गया था. ताजा मामले में एसपी देहात ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी.

कोतवाली पुलिस ने भी दबोचे दो तस्कर

एक अन्य कार्रवाई में मेरठ की कोतवाली पुलिस ने भी अंतरजनपदीय हथियार तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया है. एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के निर्देश पर चली चेकिंग के दौरान खत्ता रोड से सलमान और समीर को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से तीन अवैध पिस्टल और तीन देसी तमंचे बरामद हुए हैं. पूछताछ में सामने आया कि मेरठ निवासी सलमान, हापुड़ के समीर को हथियार बेचने की डील कर रहा था, तभी पुलिस ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया.

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