'न बैंक बैलेंस, न घर में पेंट, बस ईमानदारी की पूंजी', पिता ने दिखाई IAS रिंकू सिंह राही की सादगी

यूपी कैडर के IAS रिंकू सिंह 'राही' ने काम न मिलने और साइडलाइन किए जाने से दुखी होकर इस्तीफा दे दिया है. 100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश करने पर 7 गोलियां झेलने वाले रिंकू के पिता ने उन्हें 'ईमानदार देशभक्त' बताते हुए कहा कि उनका बेटा संघर्ष कर रहा है.

Advertisement
IAS रिंकू सिंह राही के पिता (Photo- Screengrab) IAS रिंकू सिंह राही के पिता (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:31 PM IST

यूपी कैडर के IAS रिंकू सिंह 'राही' ने इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है. इस बीच रिंकू सिंह के पिता शिवदन सिंह मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपने बेटे को 'ईमानदार' और 'देशभक्त' बताया. शिवदन ने बेटे की ईमानदारी, संघर्ष और हिम्मत की कहानी भी बयां की. उन्होंने आईएएस बेटे का सामान्य सा घर दिखाते हुए कहा कि जो कुछ है बस यही है, कोई बैंक बैलेंस नहीं है. सब खुली किताब है. 

Advertisement

बता दें कि शिवदन सिंह आटा चक्की चलाते हैं. मेहनत से पैसे कमाते हैं. बकौल शिवदन- दीवारों में सीलन है, सालों से पेंट नहीं हुआ है. बेटा एक अधिकारी के तौर पर योगदान देने के लिए आज भी पूरी तरह से समर्पित है. उसे साइडलाइन कर रखा है. बेटे को ड्यूटी के दौरान 7 गोलियां लगी थीं. फिर भी ईमानदारी से फर्ज निभाता रहा, डरा नहीं.

रिंकू सिंह राही के पिता मुताबिक, बेटा जब 2009 में समाज कल्याण अधिकारी था तब उसने मुजफ्फरनगर में 100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया था. उसकी एक आंख चली गई. जबड़ा चला गया. 7 गोलियां लगी थीं. फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी. 2023 में आईएएस बना. हमें उसपर गर्व है. आयोग या राष्ट्रपति जी इस्तीफे पर सही निर्णय लेंगी. बेटे ने तो सैलरी के बदले काम की मांग की है. उसे कोई पोस्ट नहीं दी जा रही. सरकार भी उसके कामकाज को देखे. 

Advertisement

गौरतलब है कि आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की खबर ने उनके गृह जिले अलीगढ़ में हलचल पैदा कर दी है. उनके आवास पर जब इस्तीफे की सूचना पहुंची, तो परिवार के सदस्य भावुक और निराश हो गए. परिजनों का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने हमेशा ईमानदारी की राह चुनी, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें वह सम्मान और स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement