10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है जी पूछकर सोशल मीडिया पर अलग ही पहचान बना चुके शादाब जकाती एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार वजह कोई वीडियो कंटेंट नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने वाली महिला और उसके पति के बीच का विवाद है. शादाब के साथ काम करने वाली महिला का पति थाने पहुंचकर फूट-फूटकर रोने लगा और अपनी ही पत्नी पर जान से मरवाने की साजिश रचने का आरोप लगाने लगा.
इंचौली थाने पहुंचे खुर्शीद उर्फ सोनू की हालत बेहद खराब थी. थाने के भीतर और बाहर मौजूद लोगों के सामने वह बार-बार यही कहता नजर आया कि उसकी पत्नी उसे जान से मरवाना चाहती है. उसने पुलिस से खुद और अपने बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई. वह कहता है कि उसकी पत्नी बिना बताए घर से चली जाती है और यूट्यूबर शादाब जकाती के साथ वीडियो बनाने के बहाने कई-कई दिनों तक बाहर रहती है. खुर्शीद का आरोप है कि उसकी पत्नी शादाब के कहने पर उसे धमकाती है, गालियां देती है और बार-बार तलाक व थाने की धमकी देती है.
खुर्शीद का कहना है कि वह दिल का मरीज है, उसकी तबीयत अक्सर खराब रहती है, इसके बावजूद पत्नी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है. वायरल वीडियो में वह कहता सुनाई देता है कि मेरी बीवी को मेरी कोई परवाह नहीं है. शादी के बाद भी उसके कई लोगों से रिश्ते रहे, मैंने सबकुछ नजरअंदाज किया. अब यह जकाती के साथ लगी हुई है. जकाती इसे तीन-तीन,चार-चार दिन के लिए ले जाता है. मैंने रोका तो कहने लगी, तू मर जा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. खुर्शीद का दावा है कि कुछ दिन पहले उसकी पत्नी ने देहरादून जाने की बात कही थी. जब उसने विरोध किया तो पत्नी ने झूठ बोला कि वह थाने में बैठी है. बाद में उसे शक हुआ कि उसके खिलाफ कोई साजिश रची जा रही है. उसका कहना है कि उसे जान से मारने की तैयारी हो रही है और इसमें कई लोग शामिल हैं.
पत्नी का पलटवार: मैं काम करती हूं, कोई अफेयर नहीं
पति के आरोपों के बाद महिला इरम ने भी अपना वीडियो जारी किया और साफ शब्दों में सभी आरोपों को गलत बताया. इरम ने कहा कि वह शादाब जकाती के साथ सिर्फ काम करती है और इसके बदले उसे मेहनताना मिलता है. इरम का कहना है कि उसके पति खुर्शीद उसे लगातार मारपीट कर परेशान करते थे और पैसे की मांग करते थे. उसने बताया कि चार बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर है और घर चलाने के लिए वह काम करने को मजबूर है. इरम ने कहा मैं शादाब के साथ वीडियो बनाती हूं, उसका पैसा मिलता है. इसमें कोई गलत बात नहीं है. मेरे पति को यही बर्दाश्त नहीं हो रहा. वह मुझे मारते थे, गालियां देते थे. मैं अपने बच्चों का पेट पालने के लिए काम कर रही हूं.
इरम ने साफ किया कि शादाब जकाती उसे न तो जबरदस्ती कहीं ले जाते हैं और न ही वीडियो बनाने का दबाव डालते हैं. वह अपनी मर्जी से जाती है, अपनी मर्जी से काम करती है और जब चाहती है, घर लौट आती है. उसने यह भी कहा कि उसका पति उसे पहले ही तलाक दे चुका है और अब वह फाइनल तलाक चाहती है. मेरा उससे कोई रिश्ता नहीं बचा है. मैं उससे अलग रहना चाहती हूं. उसने मुझे बहुत मारा-पीटा है. शादाब का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है. हम लोगों के बीच कोई अफेयर नहीं है, सिर्फ प्रोफेशनल काम है.
शादाब जकाती पर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद
इरम के साथ-साथ शादाब जकाती का नाम भी इस विवाद में लगातार लिया जा रहा है. हालांकि महिला ने अपने बयान में शादाब को पूरी तरह निर्दोष बताया है. उसका कहना है कि सोशल मीडिया पर शादाब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. इरम का दावा है कि वह अपने घर में ही रहती है और कहीं बंधक बनाकर नहीं रखी गई है. उसने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब झूठे और बेबुनियाद हैं.
पुलिस के पास दोनों पक्ष, जांच जारी
इस पूरे मामले में इंचौली थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने थाने में आकर अपने बयान दर्ज कराए हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. फिलहाल दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है.
उस्मान चौधरी