उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार तहसील स्थित नरपत नगर गांव में उस समय सन्नाटा और चिंता फैल गई, जब गुजरात एटीएस ने नवसारी में छापेमारी कर टेलरिंग का काम करने वाले एक युवक को आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार युवक का नाम फैजान बताया गया है, जो कई वर्षों से गुजरात के नवसारी में सिलाई का काम कर रहा था. गुजरात एटीएस का आरोप है कि फैजान जैश ए मोहम्मद से प्रेरित होकर आतंकी साजिश रच रहा था.
गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद फैजान के माता पिता हैरान हैं और अपने बेटे को बेगुनाह बता रहे हैं. परिजनों का कहना है कि फैजान को रोजी रोटी के लिए गुजरात भेजा गया था और वह सिर्फ सिलाई का काम करता था. उनके अनुसार इस मामले में उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया गया है.
एटीएस की छापेमारी के बाद रामपुर के युवक की गिरफ्तारी
हमारी टीम जब रामपुर के नरपत नगर गांव पहुंची तो फैजान के घर का माहौल बेहद गमगीन था. पिता शकील मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं. उन्होंने बताया कि फैजान को उन्होंने इस उम्मीद के साथ गुजरात भेजा था कि वह काम सीख कर परिवार का सहारा बनेगा. शकील के अनुसार फैजान नवसारी में एक कारखाने में सिलाई का काम करता था. एक दिन अचानक पता चला कि वहां पुलिस ने छापेमारी की है और पूरा कारखाना सीज कर दिया गया है.
शकील ने बताया कि छापेमारी के दौरान कारखाने में मौजूद सभी लोगों को पकड़ लिया गया और उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए. सुबह से शाम तक किसी से संपर्क नहीं हो पाया. बाद में ठेकेदार से जानकारी मिली कि सभी लोगों को छोड़ दिया गया है लेकिन फैजान को रोका गया है. तभी से परिवार की चिंता बढ़ गई है.
पिता का दावा सोशल मीडिया आईडी हैक कर फंसाया गया बेटा
आतंकी संगठन से जुड़े होने के आरोपों पर फैजान के पिता ने साफ कहा कि यह सब गलत है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कुछ होता तो वह अपने बेटे को वहां काम करने के लिए कभी नहीं भेजते. सोशल मीडिया आईडी और अन्य सबूतों के सवाल पर शकील का कहना है कि उनके बेटे को ठीक से पढ़ना लिखना भी नहीं आता. उनका दावा है कि जिस आईडी से आपत्तिजनक सामग्री सामने आई है वह हैक हो सकती है या किसी और ने उसका गलत इस्तेमाल किया है.
फैजान की मां फहीम जहां का कहना है कि उनका बेटा मेहनत करके रोजी कमाने गया था. उन्होंने कहा कि बेटे पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं और परिवार को समझ नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हो गया. मां ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा आठ महीने से गुजरात में काम कर रहा था और ऐसा कोई काम उसने नहीं किया. परिवार सरकार और जांच एजेंसियों से इंसाफ की मांग कर रहा है.
गांव में चिंता का माहौल, निष्पक्ष जांच की उठी जोरदार मांग
गांव के आसिफ ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि फैजान एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और उसका खानदानी काम मजदूरी और शादी समारोह में खाना बनाना रहा है. गांव वालों के अनुसार फैजान का किसी भी तरह के आतंकी संगठन से जुड़ाव नहीं रहा है. आसिफ का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिन भाषाओं में पोस्ट होने की बात सामने आ रही है, वह फैजान के लिए संभव नहीं है.
गांव में इस घटना के बाद गहरी चिंता और अफसोस का माहौल है. लोग चाहते हैं कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें ताकि सच्चाई सामने आ सके. परिजनों का कहना है कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि उनके बेटे के साथ ईमानदारी से न्याय हो.
आमिर खान