ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में विवाहिता दीपिका की मौत के मामले में अब रिश्तेदार ने सनसनीखेज खुलासा किया है. आरोपों के मुताबिक, ससुराल वाले दीपिका के परिवार से 50 लाख रुपये और एक फॉर्च्यूनर कार की मांग कर रहे थे. दहेज के लिए उसे बहुत सताया गया. आखिर में तंग आकर दीपिका ने मौत को गले लगा लिया.
आपको बता दें कि करीब 14 महीने पहले 1 करोड़ से भी ज्यादा के खर्च कर दीपिका की धूमधाम शादी की गई थी. लेकिन ये शादी अब एक दर्दनाक अंत की कहानी बन गई है. आरोप है कि दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर दीपिका ने छत से कूदकर जान दे दी. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
पीड़ित के एक रिश्तेदार ने न्यूज एजेंसी से कहा, "अगर उन्हें उससे कोई दिक्कत थी, तो उन्हें उसे हमारे पास छोड़ देना चाहिए था, न कि हमारी बेटी की जान लेनी चाहिए थी."
एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, "...हमें जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि वे हमारी बेटी को इस तरह मार डालेंगे... वे 50 लाख रुपये और एक फॉर्च्यूनर कार की मांग कर रहे थे... दहेज के लिए उन्होंने उसे बहुत सताया... लड़की बार-बार उनसे कहती रही कि उसके पिता इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं कर पाएंगे. लेकिन उन्होंने उसकी एक न सुनी. हमें इंसाफ चाहिए; हम चाहते हैं कि उनके घरों पर बुलडोजर चले... हमारी बस यही गुज़ारिश है कि हमारी बेटी को इंसाफ मिले."
परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे दहेज के लिए दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. कई बार मारपीट होने और समझौते के प्रयासों के बावजूद हालात नहीं सुधरे, जिसके बाद दीपिका ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया.
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार रात महिला की छत से गिरने के बाद मौत की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस साक्ष्य जुटाकर मामले की गहन जांच कर रही है.
फिलहाल, पुलिस घटना से पहले के हालातों को समझने के लिए मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. जलपुरा में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही, जहां लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो यह गंभीर हादसा नहीं होता.
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