उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर 150 में हुए हादसे और रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता के इंजीनियर बेटे की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कार्रवाई के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया जिसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण में हड़कंप मच गया. दुर्घटनाग्रस्त वाली जगहों और सड़कों पर अब रिफ्लेक्टिंग पट्टी और मार्किंग करना शुरू कर दिया है. अब ऐसे में साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि घने कोहरे से पहले प्राधिकरण के सेफ्टी ऑडिट सिस्टम बिल्कुल फेल पाएगा. गौरतलब है कि नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही के चलते 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी.
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एके सिंह ने बताया कि हम ग्रेटर नोएडा की जनता को अवगत कराना चाहते हैं कि जो नोएडा में बिल्डर द्वारा बेसमेंट खोदा गया था उसमें इंजीनियर की डूब कर जो मौत हुई है. उन्हें उसका बहुत खेद है और उसको ध्यान में रखते हुए कहीं ग्रेटर नोएडा में ऐसी घटना ना हो इसलिए विशेष टीम का गठन करते हुए सारे स्टाफ को फील्ड में फ्री कर दिया गया है कि जितने ब्लैक स्पॉट है सब को चिन्हित करें . जहां कोई कमी पाई जाती है उसको जल्दी ठीक किया जाए.
अगर ठीक नहीं किया गया तो उसके लिए क्षेत्रीय एसएम और मैनेजर जिम्मेदार होंगे. इस मामले को देखते हुए सारे एसईओ , मैनेजर एसएम सब फील्ड पर है और हमने ऐसी-ऐसी जगह को चिन्हित करना शुरू कर दिया, जहां पर दुर्घटना हो सकती है . उसमें आज हमने 10 स्थान को चिन्हित किया है जिसमें गौर सिटी ,टैक जॉन 120 मी रोड ,सिग्मा 4,1,2 ओमेगा1, अल्फा ,जेपी ग्रीन ,सेक्टर पाई, सेक्टर डेल्टा हैं. इसके अलावा चार-पांच बिल्डरों को चिन्हित किया गया है जिनके द्वारा बेसमेंट की खुदाई की जा रही है.
उन्होंने आगे कहा- गौर सिटी गोल चक्कर को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है क्योंकि वहां पर अंडरपास का कार्य प्रगति पर है. वहां पर बैरिकेडिंग ,बालू की बोरियों से की गई है ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो और ड्राइवर के द्वारा किसी गलती से एक्सीडेंट न हो. जहां भी टर्निंग पॉइंट और ब्लैक स्पॉट हो वहां पर रिफ्लेक्टर लगा दिया जाए और जहां पर अंडर पास हो वहां पर रेड लाइट लगा दी जाए . जहां पर नाले टूटे हुए हो उसको ठीक किया जा रहा है. जहां पर नाले खुला हो उनको कवर कर दिया जाएगा ताकि कोई गाड़ी नहीं गिर सके और आगे भी जो ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे उन पर भी काम किया जाएगा.
अरुण त्यागी