सहारनपुर से अमेरिका वाया ब्राजील... एजेंट ने 60 लाख लेकर छात्र को फंसाया, 17 महीने विदेशी जेल में गुजरे, सुनाई 'डंकी रूट' की दास्तां

सहारनपुर के एक छात्र के साथ अमेरिका में पढ़ाई के नाम पर 60 लाख रुपये की बड़ी ठगी हुई है. एजेंट ने अवैध 'डंकी रूट' से उसे ब्राजील भेज दिया, जहाँ छात्र को पांच महीने जेल काटनी पड़ी. ठगी का शिकार होकर अब छात्र वापस वतन लौट आया है.

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अमेरिका से डिपोर्ट किए गए सहारनपुर के भानुप्रताप सिंह (Photo- ITG) अमेरिका से डिपोर्ट किए गए सहारनपुर के भानुप्रताप सिंह (Photo- ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर ,
  • 16 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:46 AM IST

Uttar Pradesh News: सहारनपुर जिले के एक युवक के साथ अमेरिका में B.Tech कराने के नाम पर बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बडूली गांव निवासी देवेंद्र के बेटे भानुप्रताप सिंह ने 12वीं के बाद विदेश में पढ़ाई का सपना देखा था. इसी उम्मीद में वर्ष 2024 में उसने हरियाणा के करनाल निवासी एक एजेंट से संपर्क किया. 

एजेंट ने अमेरिका में B.Tech में दाखिला, वीजा और सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाया. लेकिन यह भरोसा एक खतरनाक जाल साबित हुआ. परिजनों का आरोप है कि एजेंट ने शुरुआत से ही अवैध तरीके अपनाए और युवक को गुमराह किया.

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परिवार के मुताबिक, एजेंट ने महज 40 दिनों में अमेरिका में एडमिशन कराने का झांसा देकर करीब 60 लाख रुपये वसूल लिए. इसके बाद बिना किसी वैध वीजा और दस्तावेजों के भानुप्रताप को दिल्ली से फ्लाइट के जरिए ब्राजील भेज दिया गया. ब्राजील पहुंचते ही इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के चलते युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. वहां उसे करीब पांच महीने तक जेल में रहना पड़ा. इस दौरान परिवार लगातार एजेंट से संपर्क करता रहा, लेकिन हर बार उन्हें टालमटोल कर झूठे आश्वासन दिए गए.

जनवरी 2025 में एजेंट ने अवैध ‘डंकी रूट’ के जरिए किसी तरह भानुप्रताप को अमेरिका पहुंचा दिया. हालांकि, वहां भी हालात नहीं बदले, क्योंकि उसके पास कोई वैध वीजा नहीं था. अमेरिकी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर कैंप जेल में भेज दिया, जहां उसे करीब 12 महीने तक रहना पड़ा. इस बीच एजेंट ने जमानत दिलाने और कानूनी मदद के नाम पर अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये और वसूल लिए. इन सबसे परिवार आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है.

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इसी दौरान अमेरिका की नई नीति के तहत अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई. सोमवार को करीब 200 भारतीय नागरिकों को लेकर एक फ्लाइट भारत के लिए रवाना हुई, जो बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची. गुरुवार को जब भानुप्रताप अपने गांव लौटा तो परिजनों की आंखें भर आईं. 

पिता देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 40 लाख रुपये एजेंट को दिए थे, जबकि बाकी रकम यात्रा, जेल और अन्य खर्चों के नाम पर खर्च कराई गई. अब परिवार न्याय की मांग करते हुए आरोपी एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगा रहा है.

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