Uttar Pradesh News: गोंडा जिले के खोडारे थाना क्षेत्र स्थित ढडुवा कुतुबजोत गांव में सोमवार शाम खेलने गए चार मासूम बच्चे अचानक लापता हो गए. इन बच्चों की उम्र 6 से 10 वर्ष के बीच थी, जिनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने पुलिस में दर्ज कराई थी. पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रात भर तालाब और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया. मंगलवार सुबह ये सभी बच्चे गांव के ही एक सरसों के खेत में सोते हुए सुरक्षित पाए गए. बड़े बच्चे ने मां की डांट के डर से घर न जाने का फैसला किया था और अन्य बच्चों को भी साथ रोक लिया था.
रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. गांव में तालाब होने के कारण अनहोनी की आशंका जताई गई, जिसके बाद देर रात एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. पंप सेट के जरिए तालाब का पानी खाली कराकर तलाशी ली गई.
एसपी विनीत जायसवाल ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया और पुलिस की कई टीमें रात भर बच्चों को ढूंढने में लगी रहीं. गनीमत रही कि बच्चे तालाब में नहीं मिले, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका टल गई.
खेत में सोते मिले मासूम
जैसे ही सुबह का उजाला हुआ, तलाशी अभियान को और तेज किया गया. इसी दौरान सरसों के घने खेत में चारों बच्चे एक साथ सोते हुए मिल गए. बच्चों के सकुशल मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. पुलिस ने तत्काल सभी को मेडिकल चेकअप के लिए सीएचसी गौरा पहुंचाया. डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं. बच्चों के मिलने के बाद पुलिस और परिजनों ने लंबी राहत की सांस ली और तलाशी अभियान समाप्त हुआ.
डर की वजह से नहीं गए घर
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि गायब हुआ 10 वर्षीय बड़ा बच्चा काफी शरारती है. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि कल बच्चों ने कोई शरारत की थी, जिसके बाद मां उन्हें ढूंढ रही थी. मां की डांट और पिटाई के डर से बड़े बच्चे ने तय किया कि वह रात को घर नहीं जाएगा और छोटे बच्चों को भी अपने साथ सरसों के खेत में ले जाकर सुला दिया. पुलिस के अनुसार, यह बच्चा पहले भी डर के मारे घर से गायब रह चुका है.
अंचल श्रीवास्तव