यूपी की देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया. इससे पहले ठाकुर को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उन्हें वहां से रेफर कर दिया गया. फिलहाल, कार्डियोलॉजी विभाग में उनका इलाज चल रहा है. इस बीच CJM कोर्ट ने उनकी रिमांड की अवधि 21 जनवरी तक बढ़ा दी है.
आपको बता दें कि पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को देवरिया की CJM कोर्ट ने 7 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है. पुलिस ने उन्हें 1999 के जमीन आवंटन मामले में पद के दुरुपयोग और कूटरचित दस्तावेज बनाने के आरोप में 9/10 दिसंबर की रात शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया था.
मंगलवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसी दौरान जेल में बंद अमिताभ ठाकुर के सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज की ECG रिपोर्ट सही न आने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बुधवार शाम लखनऊ रेफर कर दिया.
जमानत खारिज, अब जिला जज की अदालत पर टिकी निगाहें
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को हुई लंबी बहस के बाद CJM कोर्ट ने जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया था. अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद रिमांड की चुनौती वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे बुधवार को सुनाते हुए कोर्ट ने रिमांड की अवधि 21 जनवरी तक बढ़ा दी. अब बचाव पक्ष 9 जनवरी को जिला जज की कोर्ट में जमानत के लिए नई अपील दायर करने की तैयारी कर रहा है.
तबीयत बिगड़ने पर BRD से लखनऊ रेफर
जेल में बंद अमिताभ ठाकुर को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. डॉक्टरों ने हार्ट अटैक का अंदेशा जताते हुए उन्हें गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज भेजा. वहां हुई ECG जांच की रिपोर्ट असंतोषजनक मिलने और स्थिति में सुधार न होने के कारण डॉक्टरों ने बुधवार शाम उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया. फिलहाल पूर्व IPS का इलाज लखनऊ में चल रहा है, जबकि उनके अधिवक्ता कानूनी लड़ाई की तैयारी में जुटे हैं.
राम प्रताप सिंह