ब्रेनवॉश या खुद से चुना इस्लाम? शामली के आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का Exclusive कबूलनामा

शामली के आयुष मलिक ने 'आजतक' से बातचीत में बताया कि उसने बिना किसी दबाव के खुद इस्लाम अपनाकर नाम मोहम्मद अली रखा है. वह चोट के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी के संपर्क में आया और यूट्यूब पर पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो तथा इस्लामिक शिक्षाओं से प्रभावित होकर यह फैसला लिया.

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शामली का आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली (Photo- Screengrab) शामली का आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली (Photo- Screengrab)

अरविंद ओझा

  • शामली ,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

उत्तर प्रदेश के शामली में करोड़पति कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस पूरे विवाद के बीच, 'आजतक' ने आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली से एक्सक्लूसिव बातचीत की, जिसमें उसने धर्मांतरण के पीछे की पूरी कहानी बयां की है.

शामली के दवा व्यापारी के बेटे आयुष मलिक ने बताया कि दस्तावेजों में उसका नाम आज भी आयुष है, लेकिन उसने इस्लाम अपनाकर खुद का नाम मोहम्मद अली रख लिया है. उसने यह साफ किया कि उसका धर्मांतरण किसी दबाव या मौलवी के जरिए नहीं, बल्कि खुद से हुआ है. 

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आयुष के मुताबिक, साल 2018 में कंधे की चोट के दौरान उसकी मुलाकात फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी से हुई थी. इसके बाद वह धीरे-धीरे इस्लाम से प्रभावित होने लगा और इंटरनेट के जरिए पाकिस्तानी मौलानाओं के वीडियो देखने लगा. 

सवाल: आपका नाम क्या है अब और आप मोहम्मद अली कैसे बने?

जवाब: आयुष मलिक मेरा नाम अब भी दस्तावेजों में है, लेकिन मोहम्मद अली नाम मैंने खुद अपनाया है. इस्लाम की तरफ जाने में मुझे धीरे-धीरे बहुत लंबा वक्त लगा.

सवाल: आप चांदनी के संपर्क में कैसे आए?

जवाब: वह फिजियोथेरेपिस्ट थी और मुझे शोल्डर इंजरी थी. मैं कभी-कभार उसके क्लिनिक चला जाता था, तभी कांटेक्ट में आया और पता चला कि वह मुसलमान है. हमारा चार साल पहले निकाह हो चुका है.

सवाल: क्या आपका धर्म परिवर्तन दिल्ली में किसी मौलवी ने कराया?

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जवाब: धर्म परिवर्तन कहीं बाहर नहीं होता, यह अंदर से अपने आप होता है. इसमें किसी मौलवी का काम नहीं होता कि कोई आपका निकाह पढ़ेगा. इंसान में खुद सीखने की काबिलियत होनी चाहिए.

सवाल: क्या आप पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो से प्रभावित हैं?

जवाब: मैं ऑल ओवर द वर्ल्ड के मौलानाओं को सुनता था, डॉक्टर इसरार अहमद को ज्यादा देखता था. उन्होंने कुरान शरीफ और हदीस की बातें समझाईं. मैं नबी पाक सल्लाह ए वसल्लम और इस्लाम से प्रभावित हूं.

सवाल: क्या चांदनी का भाई आपके यहां काम करता था और क्या उनकी नजर आपकी करोड़ों की प्रॉपर्टी पर है?

जवाब: हमारे यहां कई मुस्लिम पहले भी काम करते थे और अब भी करते हैं, लेकिन चांदनी का भाई कभी नहीं आया. प्रॉपर्टी की बात कहकर आप टारगेट कर रहे हो, मुझे अब किसी प्रॉपर्टी की जरूरत नहीं है.

सवाल: शुरुआत कैसे हुई और यूट्यूब का इसमें क्या रोल रहा?

जवाब: एक बार मेरा बीपी बढ़ा और हाथ कांपने लगे, तब यूट्यूब पर देखा कि 'कुलुअल्लाह' पढ़ो. मैंने पढ़ा तो डर खत्म हुआ और हाथ ठीक हो गए. यूट्यूब के एल्गोरिदम में सब कुछ आता रहता है, वहीं से मैंने नबी पाक की जिंदगी को पढ़ा और 10 में से 8 बातें अपना लीं. अब मुझ पर दोबारा हिंदू बनने का प्रेशर बनाया जा रहा है.

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