Uttar Pradesh News: संभल जिला प्रशासन ने शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. जामा मस्जिद में दोपहर 1:38 बजे होने वाली नमाज के दौरान तीन कंपनी पीएसी और 200 रिक्रूट कांस्टेबल तैनात रहे. पुलिस ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार ने पीस कमेटी की बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने यह सख्त रुख अपनाया है ताकि किसी भी संभावित सांप्रदायिक तनाव या उपद्रव को समय रहते टाला जा सके. सीओ के बयान को लेकर कांग्रेस और ओवैसी की पार्टी के नेता ने कड़ा रिएक्शन दिया है.
सीओ की 'ईरान' वाली चेतावनी पर विवाद
पीस कमेटी की बैठक में सीओ कुलदीप कुमार ने दो टूक कहा कि जिन्हें ईरान-इजरायल युद्ध से ज्यादा दिक्कत है, वे जहाज पकड़कर ईरान चले जाएं और वहां से लड़ें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो देशों के झगड़े का असर भारत की कानून व्यवस्था पर पड़ा, तो पुलिस 'बढ़िया इलाज' करेगी.
सीओ ने नमाज के दौरान काली पट्टी बांधने या किसी देश के विरोध में स्लोगनबाजी न करने की हिदायत दी. उन्होंने ने साफ कहा कि नमाज केवल मस्जिद के अंदर होगी और सड़क पर आने वालों को जेल भेजा जाएगा.
इमरान प्रतापगढ़ी और शौकत अली का पलटवार
सीओ के इस बयान पर राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक देश में वर्दीधारी की ऐसी भाषा मान्य है. उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए यूपी पुलिस से अधिकारी को संविधान की प्रस्तावना याद दिलाने की मांग की. वहीं, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने और भी सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी की भाषा संवैधानिक शपथ वाली नहीं, बल्कि किसी अपराधी या सड़क छाप गुंडे जैसी लग रही है.
शौकत अली ने सीओ कुलदीप कुमार की भाषा को मुसलमानों को डराने-धमकाने वाला और असंवैधानिक करार दिया है. उन्होंने सवाल उठाया कि एक जिम्मेदार पद पर बैठकर ऐसी धमकी देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. शौकत अली ने पूछा कि अल्पसंख्यकों को इतना कमजोर क्यों समझा जा रहा है कि उन्हें सरेआम धमकियां दी जा रही हैं. उन्होंने मांग की है कि इस विवादित बयान के लिए सीओ के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए.
सुरक्षा के घेरे में जामा मस्जिद
तमाम सियासी बयानबाजी के बीच धरातल पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है. कई थानों की फोर्स को संवेदनशील इलाकों में गश्त पर लगाया गया है. खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस को आशंका है कि नमाज के बाद अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को लेकर प्रदर्शन हो सकता है. पुलिस ने स्थानीय धर्मगुरुओं से शांति की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने या रील बनाने के नाम पर हुड़दंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई तय है.
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