यूपी में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है. कहीं पेड़ गिरने से लोगों की जान चली गई तो कहीं बिजली गिरने से परिवार उजड़ गए. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे के भीतर पूरा किया जाए. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बुधवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी तक कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया. तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है. कई जगह मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, पेड़ उखड़ गए हैं और मवेशियों की भी बड़ी संख्या में मौत हुई है. इसी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपात बैठक कर प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी खुद मौके पर जाएं और पीड़ित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि राहत कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए और हर पीड़ित को तय समय सीमा के भीतर सहायता मिले.
24 घंटे में राहत पहुंचाने का आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन परिवारों को प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, उन्हें 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को भी नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि, पशुहानि और फसलों के नुकसान का सही आंकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके. उन्होंने साफ कहा कि राहत वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी गंभीर मानी जाएगी.
कई जिलों में मौसम का कहर
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बुधवार शाम मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया. तेज हवाओं और धूल भरी आंधी के बीच कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी घंटों बाधित रही. सबसे ज्यादा असर प्रयागराज, भदोही, फतेहपुर, हरदोई, कौशांबी और कानपुर देहात समेत कई जिलों में देखने को मिला. कई गांवों में लोग पूरी रात दहशत में रहे.
अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा है. उन्होंने कहा कि जहां भी नुकसान हुआ है, वहां अधिकारी खुद जाकर स्थिति का जायजा लें और पीड़ित परिवारों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराएं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राहत कार्य में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
फसलों के नुकसान का होगा सर्वे
बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में किसानों की फसलें भी बर्बाद हुई हैं. मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और राजस्व विभाग को संयुक्त सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान का सही आंकलन कर जल्द मुआवजा दिया जाए. बीमा कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि क्लेम प्रक्रिया को तेजी से पूरा करें.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है. इसके बाद प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों से भी खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है. विशेष रूप से किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
राहत कार्य पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. शासन स्तर पर जिलों से लगातार रिपोर्ट ली जा रही है. सरकार की कोशिश है कि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचे और किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े. इसी वजह से प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह एक्टिव मोड में रखा गया है और हर जिले से अपडेट मांगे जा रहे हैं.
प्रयागराज में 17 लोगों की मौत
संगम नगरी प्रयागराज में तेज आंधी और तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई. अलग-अलग इलाकों में 17 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. हंडिया क्षेत्र में सात लोगों की जान गई, जबकि फूलपुर में चार लोगों की मौत हुई. सोरांव और मेजा इलाके में भी कई लोग हादसों का शिकार हुए. तेज हवाओं के कारण कई पुराने पेड़ सड़क और घरों पर गिर गए. कई जगह गाड़ियां पेड़ों के नीचे दब गईं. प्रशासन की टीमें पूरी रात राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं.
भदोही में 11 लोगों की गई जान
भदोही जिले में भी मौसम का कहर बेहद खतरनाक साबित हुआ. यहां तेज आंधी और बारिश के बीच हुए अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई. जिले के कई हिस्सों में पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई. स्थानीय प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है और प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है.
हरदोई में दो मासूमों की दर्दनाक मौत
हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. अलग-अलग हादसों में दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई. एक बच्ची की मौत शौचालय की दीवार गिरने से हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में लोग अभी भी सदमे में हैं.
कानपुर देहात में युवती और 35 बकरियों की मौत
कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई. हैरानी की बात यह रही कि उसी घटना में करीब 35 बकरियां भी चपेट में आ गईं और उनकी भी मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि मौसम अचानक खराब हुआ और कुछ ही मिनटों में बड़ा हादसा हो गया.
फतेहपुर में 9 लोगों की मौत
फतेहपुर जिले में भी आंधी और बारिश भारी तबाही लेकर आई. यहां पांच महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि 17 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा आठ मवेशियों की भी मौत हुई है. कई घरों की छतें उड़ गईं और पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए. सदर और खागा तहसील क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया है.
कौशांबी में पेड़ गिरने और आग से नुकसान
कौशांबी जिले में भी तेज आंधी के कारण कई हादसे हुए. सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल गिरने से एक वृद्ध महिला की मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में आंधी के बाद लगी आग से करीब एक दर्जन घर जल गए. आग में एक भैंस की भी मौत हो गई. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
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