बिजनौर में फिल्मी चेज: CBI ने 2.5 किलोमीटर तक दौड़ाया, कार का टायर किया पंचर और दबोच लिए घूसखोर बैंक अफसर!

बिजनौर में CBI ने यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. आरोपियों ने लोन अप्रूवल के बदले घूस मांगी थी. शिकायत के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर बैंक कर्मियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया और रातभर पूछताछ की.

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बिजनौर में मैनेजर समेत तीन बैंककर्मी अरेस्ट (Photo- ITG) बिजनौर में मैनेजर समेत तीन बैंककर्मी अरेस्ट (Photo- ITG)

संजीव शर्मा (बिजनौर)

  • बिजनौर,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:22 AM IST

यूपी के बिजनौर में सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग लोन अप्रूव करने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे. लेकिन इस दौरान इन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया गया. आरोपियों से रात भर बैंक में पूछताछ चली. 

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बिजनौर जिले के कस्बा सहसपुर स्थित यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मियों को रंगेहाथ पकड़ लिया. शाखा प्रबंधक कपिल कुमार और फील्ड ऑफिसर विकास कुमार को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. इस मामले में एक प्राइवेट आदमी (कैजुअल वर्कर) को भी गिरफ्तार किया गया है.  

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सीबीआई की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस मामले में 31 जनवरी 2026 को एक शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था. जिसमें शिकायतकर्ता चंचल दिवाकर की पत्नी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 5 लाख रुपये के ऋण के लिए यूपी ग्रामीण बैंक, सहसपुर, बिजनौर में आवेदन किया था.

लोन अप्रूव करने के बदले 45 हजार की डिमांड 

आरोप है कि बैंक के फील्ड ऑफिसर ने ऋण स्वीकृत करने के बदले शिकायतकर्ता से पहले 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की. बाद में यह मांग बढ़ाकर 45 हजार रुपये कर दी गई. इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता द्वारा 11 जनवरी को गाजियाबाद सीबीआई से संपर्क किया गया और पूरे मामले से अवगत कराया गया.

बताया गया कि सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने इससे पहले भी दो बार बैंक मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया लेकिन सफलता नहीं मिली. 31 जनवरी को तीसरी बार टीम ने सवेरे से ही जाल बिछा दिया था. मैनेजर और फील्ड ऑफिसर के एक मीटिंग में चले जाने के कारण शाम को चार बजे फिर से शिकायतकर्ता चंचल को बैंक भेजा गया और उसने बैंक कर्मचारी नोमान से संपर्क किया. इसके बाद मैनेजर कपिल कुमार और फील्ड ऑफिसर विकास कुमार ने नोमान को रिश्वत के पैसे लेने के लिए एक पेट्रोल पंप के पास भेजा. 

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एक को मौके से पकड़ा, दो को दौड़ाकर 

चंचल दिवाकर ने जैसे ही नोमान को रिश्वत के रुपये दिए और वह गिनने लगा तभी सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. उधर, गाड़ी में बैठे मैनेजर और फील्ड ऑफिसर गाड़ी लेकर भागने लगे. लेकिन सीबीआई की टीम ने ढाई किलोमीटर दूर तक उनकी गाड़ी का पीछा किया  और फिर हुए कार में पंचर कर उन्हें पकड़ लिया. सीबीआई की टीम ने सबूत एकत्र करने के लिए रिश्वत देने वाले चंचल की शर्ट में एक वॉइस रिकॉर्डर भी लगाया हुआ था.  

आखिर में तीनों आरोपियों के पकड़े जाने के बाद सीबीआई टीम उन्हें बैंक लेकर गई और बैंक का शटर गिराकर उनसे रात भर पूछताछ करती रही. इस दौरान किसी को भी बैंक के अंदर या बाहर नहीं जाने दिया गया. रविवार सुबह सीबीआई की टीम तीनों को अपने साथ ले गई. सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि अभी मामले की जांच जारी है. फिलहाल, इस घटना के बाद से अन्य बैंक कर्मचारी और अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है.

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