'घर में आटा तक नहीं है...' बुलंदशहर में शुगर मिल कर्मचारी ने सुसाइड नोट लिखकर लगाई फांसी, जानिए पूरा मामला

यूपी के बुलंदशहर में एक शुगर मिल कामदार ने आर्थिक तंगी और मिल प्रबंधन के कथित उत्पीड़न से तंग आकर फांसी लगा ली. सुसाइड नोट में 'घर में आटा नहीं है' जैसी मार्मिक बात लिखकर शरीफ ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, जिसके बाद परिजनों ने मिल गेट पर जमकर हंगामा किया.

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मृतक कर्मचारी शरीफ (Photo- ITG) मृतक कर्मचारी शरीफ (Photo- ITG)

मुकुल शर्मा

  • बुलंदशहर ,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

Uttar Pradesh News: बुलंदशहर में 50 वर्षीय शुगर मिल कर्मचारी शरीफ ने अपने घर में फांसी के फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली. शरीफ ने सुसाइड नोट में अपनी बेटियों का ध्यान रखने और घर में राशन न होने की बात लिखी. मिल प्रबंधन द्वारा कीटनाशक (पेस्टीसाइड) की बकाया धनराशि जमा करने के लिए उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था. इस उत्पीड़न और पारिवारिक समस्या के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया. परिजनों ने शव को मिल के गेट पर रखकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ.

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'गलती हो गई तो माफ करना'

मृतक शरीफ का सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है. उन्होंने लिखा, 'घर में आटा नहीं है, गलती हो गई हो तो माफ कर देना. मेरे परिवार और मेरी लड़कियों का ध्यान रखना.'

परिजनों का आरोप है कि मिल प्रबंधन कामगारों को पेस्टीसाइड बेचने के लिए देता था. शरीफ पर इसकी कुछ रकम बकाया थी, जिसे जमा करने के लिए उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा था. इसी मानसिक तनाव ने उन्हें मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया.

परिजनों का हंगामा और मिल प्रबंधन का आश्वासन

घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने मिल के गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया. मौके पर पहुंचे सीओ सिटी प्रखर पांडे और पुलिस टीम ने दोनों पक्षों से वार्ता की. काफी देर चले हंगामे के बाद मिल प्रबंधन ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया. इस समझौते के बाद परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. पुलिस अब सुसाइड के अन्य कारणों की भी गहनता से जांच कर रही है.

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(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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