उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बीजेपी सांसद रहे ब्रज भूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चाओं में आ गया है. बृजभूषण शरण सिंह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक शायरी पोस्ट करते हुए लिखा- 'शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है.' उनके इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं.
माना जा रहा है कि यह पोस्ट योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उनकी नाराजगी का संकेत हो सकता है. चर्चा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने की कोशिश में थे. हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन राजनीतिक हलकों में लंबे समय से ऐसी चर्चाएं चल रही थीं.
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दरअसल, योगी मंत्रिमंडल विस्तार में जिन आठ नामों की चर्चा है, उनमें किसी ठाकुर चेहरे को जगह नहीं मिलने की बात भी सामने आ रही है. ऐसे में बृजभूषण का यह पोस्ट उसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.
बीजेपी इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी का फोकस ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और अति पिछड़े वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर बताया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं. इनमें छह नए चेहरे शामिल होंगे, जबकि दो राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है. यह विस्तार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी रणनीति माना जा रहा है.
इसी बीच बृजभूषण शरण सिंह का यह पोस्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है.
कुमार अभिषेक