अलीगढ़ की काली नदी में खूनी जंग: दरांती लेकर मगरमच्छ से भिड़ गई चाची, कर दिया लहूलुहान, यूं बचाई भतीजी की जान

अलीगढ़ की काली नदी किनारे चारा काट रही 18 वर्षीय सुमन पर मगरमच्छ ने हमला कर हाथ दबोच लिया. जांबाज चाची ने हिम्मत दिखाते हुए दरांती से मगरमच्छ की आंख पर वार कर भतीजी को मौत के मुंह से बचा लिया. गंभीर घायल युवती अस्पताल में भर्ती है.

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मगरमच्छ के हमले में घायल भतीजी अस्पताल में भर्ती (Photo- ITG) मगरमच्छ के हमले में घायल भतीजी अस्पताल में भर्ती (Photo- ITG)

शिवम सारस्वत / मुकुल शर्मा

  • अलीगढ़ ,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

यूपी के अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र में बहने वाली काली नदी किनारे बीते दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. पशुओं के लिए चारा काट रही एक युवती पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उसे नदी की ओर खींचने लगा. मौके पर मौजूद युवती की चाची ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दरांती से मगरमच्छ की आंख पर कई वार किए. इसके बाद मगरमच्छ युवती को छोड़कर नदी में वापस चला गया. घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है. 

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जानकारी के अनुसार, गांव मोहद्दीनपुर निवासी 18 वर्षीय सुमन अपनी चाची के साथ गांव रायपुर मुजफ्ता के पास काली नदी किनारे पशुओं के लिए चारा काटने गई थी. दोपहर करीब तीन बजे दोनों खेत किनारे काम कर रही थीं, तभी नदी से निकला एक मगरमच्छ तेजी से सुमन की ओर बढ़ा और देखते ही देखते उसके हाथ को अपने जबड़े में दबोच लिया. अचानक हुए हमले से युवती चीख पड़ी और मगरमच्छ उसे घसीटते हुए नदी की ओर ले जाने लगा.

घटना देखकर चाची कुछ पल के लिए घबरा गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. हाथ में मौजूद दरांती लेकर वह मगरमच्छ पर टूट पड़ीं और उसकी आंख पर लगातार कई वार किए. चाची के हमले से मगरमच्छ बौखला गया और युवती को छोड़कर वापस नदी में चला गया. चाची के साहस और सूझबूझ के चलते युवती की जान बच सकी.

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घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. घायल अवस्था में पड़ी युवती को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली लेकर पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन दोनों हाथों में गंभीर जख्म होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल अलीगढ़ रेफर कर दिया गया.

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि काली नदी में पिछले कुछ समय से मगरमच्छों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नदी किनारे खेतों में काम करने वाले किसान और पशुओं के लिए चारा लेने जाने वाली महिलाएं हमेशा खतरे के साये में रहती हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार नदी किनारे मगरमच्छ दिखाई दे चुके हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि काली नदी क्षेत्र में मगरमच्छों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए और नदी किनारे सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. घटना के बाद महिलाओं और बच्चों में खासा भय व्याप्त है.

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