उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को एक गुमनाम पत्र पहुंचा है. इसके जरिए एक थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. शिकायती पत्र में थानेदार को होमोसेक्सुअल (समलैंगिक) बताया गया है. साथ ही थाने में तैनात में कथित तौर पर गुमनाम पुलिसकर्मी ने अपने उत्पीड़न की बात लिखी है.
उधर, राजधानी लखनऊ में गुमनाम पत्र प्राप्त होने के बाद उपमुख्यमंत्री कार्यालय से बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को जांच मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल इस पूरे मामले में एसपी क्राइम ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि किसी ने गलत आरोप लगाए हैं. प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है.
दरअसल, ऐसा पहली बार हुआ है कि बरेली जिले में तैनात दरोगा पर इस तरह के गंभीर रूप से आरोप लगे हैं. अधिकारी भी हैरान हैं कि इस तरीके से गुमनाम पत्र भेजा गया है, तो कहीं ना कहीं मामला गंभीर है. अब पुलिस अधिकारी भी इस पूरी जांच पर नजर रखे हुए हैं.
हो रही है मामले की जांच
मामला डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कार्यालय तक पहुंच चुका है. ऐसे में बरेली पुलिस अपना हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है. शिकायत पत्र की बात सामने आते ही बरेली पुलिस के क्राइम एसपी मुकेश प्रताप सिंह ने प्रारंभिक जांच कराई.
छवि खराब करने की कोशिश
क्राइम एसपी ने बताया कि एक संबंध में कुछ दिन पहले एक प्रार्थना पत्र भी प्राप्त हुआ था. अनूप सिंह के नाम से यह पत्र दिया गया था. पतासाजी करने पर प्रार्थी का कुछ भी पता नहीं लग सका. अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इंस्पेक्टर की छवि खराब करने के उद्देश्य से किसी ने यह पत्र जारी किया है. यानी किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी बरेली पुलिस इंटरनेट पर वायरल इस पत्र की पूरी पड़ताल करने में जुटी है. पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है. देखें Video:-
कृष्ण गोपाल राज