उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसी शादी की तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. यह कहानी भिटिया गांव के रहने वाले अंकित पांडे और बांसडीह की रहने वाली प्रमिला तिवारी की है. शुक्रवार 8 मई को जिस घर में शहनाइयां बजनी थीं, वहां नियति ने एक खौफनाक खेल खेल दिया, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी दोनों परिवारों ने हार नहीं मानी.
जिले के पकड़ी थाना इलाके का यह मामला है. शादी वाले दिन यानी शुक्रवार को दूल्हा अंकित पांडे अपने छोटे भाई सर्वजीत पांडे के साथ बाइक पर सवार होकर दाढ़ी बनवाने सैलून गए थे. लौटते समय एक स्कूल बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. दोनों भाइयों को गंभीर हालत में बलिया जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान छोटे भाई सर्वजीत की मौत हो गई.
'डोली' के बजाय निकली 'अर्थी' और 'गाड़ी'
एक तरफ घर में छोटे भाई की मौत का मातम था और दूसरी तरफ अंकित खुद गंभीर रूप से घायल थे. इस गमगीन माहौल के बीच दोनों परिवारों ने तय किया कि शादी की रस्में टाली नहीं जाएंगी. डॉक्टरों से विशेष अनुमति लेकर अंकित को एक गाड़ी में लिटाकर लड़की के दरवाजे ले जाया गया.
गाड़ी के भीतर ही भरी गई मांग
अंकित की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह मंडप तक चल सकें या उठकर बैठ सकें. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच, गाड़ी की सीट पर लेटे हुए ही अंकित ने प्रमिला की मांग भरी. इस दृश्य को देख वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा. लोगों के मुंह से बस यही दुआ निकल रही थी कि "हे भगवान, ऐसी शादी किसी को न दिखाए." देखें VIDEO:-
रिश्तों की नई मिसाल
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि रिश्ते केवल खुशियों के मोहताज नहीं होते. जहां एक भाई को खोने का असहनीय दुख था, वहीं दूसरी तरफ एक नए रिश्ते को निभाने की जिम्मेदारी. फिलहाल इस अनोखी और दुखद शादी की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है.
(इनपुट:- अनिल कुमार गुप्ता)
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