अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य ने मंगलवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का विधि-विधान से प्रतीकात्मक 'राजतिलक' किया. ईरान से युद्ध के बीच उन्होंने नेतन्याहू को 'महापुरुष' की उपाधि दी.
परमहंसाचार्य ने आरोप लगाया कि ईरान में हिजाब विरोध के नाम पर महिलाओं और बच्चों पर अमानवीय अत्याचार हुए, जिसके विरुद्ध इजरायल ने कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने इस कार्रवाई को वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन का भी उल्लेख किया.
उनके अनुसार, जिस तरह भगवान श्रीराम ने अधर्म के नाश का संकल्प लिया था, उसी तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. फिलहाल, उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
आतंक के अंत का संकल्प
परमहंसाचार्य ने अपने संबोधन में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो निर्दोषों की अकारण हत्या करता है, वह आतंकवादी है और ऐसे तत्वों का अंत होना आवश्यक है. उन्होंने इजरायल की कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे मानवता की रक्षा के लिए जरूरी बताया.
वैदिक मंत्रोच्चार से अनुष्ठान
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान अयोध्या में वैदिक मंत्रोच्चार और प्रतीकात्मक अनुष्ठान किए गए. परमहंसाचार्य ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के समूल नाश के लिए वैश्विक शक्तियों का एकजुट होना अनिवार्य है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर मुखर होकर अपनी राय रखी और भारत की नीति का समर्थन किया.
मयंक शुक्ला