केसरिया रंग की कुरान, मक्का से आई पवित्र काली ईंट... जानिए Ayodhya में बन रही Masjid में और क्या होगा खास

राम नगरी अयोध्या में बनने वाली ‘मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद’ में केसरिया रंग की कुरान रखी जाएगी, जो यहां आने वालों को देश की गंगा जमुनी तहज़ीब की झलक दिखाएगी. मस्जिद निर्माण के शुभारंभ के लिए पवित्र ईंट अप्रैल में अयोध्या पहुंचने वाली है.

Advertisement
अयोध्या में मस्जिद के लिए मक्का से आई ईंट अयोध्या में मस्जिद के लिए मक्का से आई ईंट

शिल्पी सेन

  • अयोध्या ,
  • 07 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

राम मंदिर के लोकार्पण से अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर आने के बाद अब अयोध्या में बनने वाली भव्य मस्जिद भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी. इस्लाम के सिद्धांतों पर पांच मीनारों वाली ‘मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद’ (Muhammad Bin Abdullah Mosque) के निर्माण के शुभारंभ के लिए पवित्र ईंट अप्रैल में अयोध्या पहुंचने वाली है. इस ईंट पर सोने से पवित्र कुरान की आयतें लिखीं होंगी. राम नगरी में बनने वाली मस्जिद में केसरिया रंग की कुरान भी रखी जाएगी जो यहां आने वालों को देश की गंगा जमुनी तहज़ीब की झलक दिखाएगी. 

Advertisement

मक्का-मदीना में ग़ुस्ल और दुआ के बाद पवित्र ईंट लाई गई

अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 5 एकड़ ज़मीन पर भव्य मस्जिद भी तामीर होने वाली है. राम को नगरी में बन रही ये मस्जिद न सिर्फ़ आर्किटेक्चर की दृष्टि से अद्भुत होगी बल्कि साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल कायम करेगी. 

ईद के बाद अप्रैल में इसका निर्माण शुरू होगा और उससे पहले पवित्र काली मिट्टी (Black Soil) की एक ईंट अयोध्या पहुंचाई जाएगी. इस पवित्र ईंट पर सोने से कुरान की 'आयतें' (couplets from the Holy Quran) लिखी गई हैं. इस ईंट को मक्का शरीफ़ और मदीना शरीफ़ में 'ग़ुस्ल' कराया गया है. 

इस पवित्र ईंट को मक्का शरीफ़ और मदीना शरीफ़ में पवित्र आब ए जमजम से और इत्र से ग़ुस्ल (ablution) देकर भारत लाया गया है. ईंट में सामने आयतें और चारों तरफ़ इस्लाम के 'नबी' का नाम सोने से लिखा गया है. 

Advertisement

अप्रैल में पवित्र ईंट को अयोध्या भेजा जाएगा

29 फ़रवरी को मुंबई में एक कार्यक्रम में इसे रखा जाएगा, उसके बाद ईंट को अजमेर शरीफ़ भी लाया जाएगा. धन्नीपुर में 'मोहम्मद बिन अब्दुल्ला' मस्जिद के निर्माण को लेकर ज़िम्मेदारी सम्भालने वाले Indo-Islamic Cultural Foundatuon (IIFC) द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार ईद के बाद अप्रैल महीने में इस पवित्र ईंट को अयोध्या भेजा जाएगा. 

5 दिन की सड़क मार्ग से यात्रा में जगह जगह 'दुआ' की जाएगी. अयोध्या में इसके पहुंचने के बाद अयोध्या में मस्जिद के निर्माण में तेज़ी आएगी. इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन के सदस्य और मस्जिद निर्माण समिति के प्रमुख हाजी अराफ़ात का कहना है- "ये ऐसी मस्जिद होगी जो अल्लाह की इबादत के साथ लोगों की भलाई के लिए भी होगी. इसीलिए इस पवित्र ईंट को लाया जा रहा है कि ये अल्लाह का काम है. मक्का-मदीने से बेहतर और कौन सी जगह हो सकती थी. आप देखिएगा ये ईंट जब अयोध्या पहुंचेगी तो जगह-जगह इसका स्वागत और इसके लिए दुआ होगी.  इसमें हर फ़िरक़े के लोग शामिल होंगे."

मस्जिद में 'केसरिया' कुरान से सद्भाव का रंग गाढ़ा होगा

मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद में कई खास बातें होंगी जो अप्रैल में इसका निर्माण शुरू होने के साथ सामने आएंगी. जानकारी के अनुसार, इसमें 'केसरिया' रंग की कुरान भी लोगों के लिए रखी जाएगी. ये ख़ास तौर पर तैयार किया जाएगा जो 21 फ़ीट लंबी होगी होगा और दोनों ओर से 18-18 फ़ीट पर खुलेगी. 

Advertisement

इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन के सदस्य हाजी अराफ़ात का कहना है कि ये रंग केसरिया है जिसको हम 'चिश्तिया' कहते हैं. गरीब नवाज़ की पगड़ी का ये रंग था. हम लोग बाबर को नहीं मानते. बाबर देश को लूटने आया था. हम नबी को मानते हैं. ये मस्जिद हमारी उसी सोच जा आईना है.

अयोध्या मस्जिद में अस्पताल, शिक्षा केंद्र से भी लोगों का होगा लाभ

अयोध्या में राम जन्मभूमि का फ़ैसला करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने धन्नीपुर गांव में मस्जिद के लिए 5 एकड़ ज़मीन देने के लिए सरकार से कहा था. उस पर सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड ने एक समिति बनाई है. मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद में अस्पताल और शिक्षण केंद्र भी होगा. साथ ही 9 हज़ार लोगों के नमाज़ पढ़ने की व्यवस्था होगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement