अयोध्या संभाग के राज्यकर विभाग में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. उन्होंने यह कदम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई हालिया टिप्पणियों के विरोध में उठाया है.
प्रशांत कुमार सिंह ने अपना दो पन्नों का इस्तीफा राज्यपाल को भेजा और इसकी प्रतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की हैं. वर्ष 2023 से अयोध्या में कार्यरत इस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे पिछले तीन दिनों से मानसिक रूप से व्यथित थे. यह इस्तीफा उन्होंने आत्मसम्मान और वैचारिक निष्ठा के कारण स्वेच्छा से दिया है.
'जिसका नमक खाता हूं, उसका अपमान नहीं सह सकता'
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में भावुक और कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रदेश के मुखिया हैं. अधिकारी के मुताबिक, जिस प्रदेश से उन्हें वेतन और पहचान मिलती है, उस प्रदेश के नेतृत्व का अपमान उनके लिए असहनीय है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उसी नेतृत्व के पक्षधर रहेंगे जिसका वे 'नमक' खाते हैं. इसी वैचारिक मतभेद और मानसिक पीड़ा के कारण उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ने का निर्णय लिया. उनके इस कदम से महकमे में हड़कंप मच गया है.
इस्तीफे के बाद सामाजिक सेवा का संकल्प
प्रशांत कुमार सिंह ने साफ किया है कि उन पर किसी प्रकार का कोई बाहरी दबाव नहीं था. इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने भविष्य की योजना भी साझा की. उन्होंने घोषणा की है कि वे अब सरकारी पद पर न रहकर अपने निजी संसाधनों के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में अपना योगदान देंगे. इस घटना ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को एक नया और गंभीर प्रशासनिक मोड़ दे दिया है.
इन सबके बीच प्रशांत कुमार सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे रोते हुए कह रहे है कि, 'मैंने इस्तीफा दे दिया है... मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ. जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं बहुत पीड़ा में था.'
मयंक शुक्ला