जले 26 लाख से ज्यादा दीए, 2128 अर्चकों ने की सरयू आरती... अयोध्या दीपोत्सव में बने दो वर्ल्ड रिकॉर्ड

अयोध्या दीपोत्सव में सरयू नदी के 56 घाटों पर 26 लाख से ​अधिक दीये प्रज्ज्वलित किए गए. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 32 हजार वॉलंटियर रामनगरी को दीपों की रोशनी से रोशन करने के काम में जुटे थे.

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अयोध्या दीपोत्सव में इस बसर 26 लाख से अधिक दीये प्रज्ज्वलित हुए, जो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है. (Photo: PTI) अयोध्या दीपोत्सव में इस बसर 26 लाख से अधिक दीये प्रज्ज्वलित हुए, जो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • अयोध्या,
  • 19 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 8:03 PM IST

अयोध्या दीपोत्सव का यह 9वां संस्करण था, जिसकी शुरुआत 2017 में सीएम योगी ने की थी. पहले संस्करण में 1.71 लाख दीप प्रज्ज्वलित हुए थे, इस बार यह संख्या 26 लाख से ज्यादा रही. राम की पैड़ी समेत सरयू तट पर बने सभी 56 घाट दीयों की रोशनी में इस तरह नहाये हुए थे, मानों आसमान से सितारे जमीन पर उतर आए हों. 

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अयोध्या दीपोत्सव में इस बार दो विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए. पहला 26,70,215 दीये जलाने का और दूसरा 2128 अर्चकों द्वारा एकसाथ मां सरयू की महाआरती का. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम इस कीर्तिमान को दर्ज करने के लिए खुद अयोध्या में मौजूद रही. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए प्रमाण पत्र ग्रहण किया.

 

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे. उन्होंने यहां पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों का रामकथा पार्क हेलीपैड पर अगवानी की. यहां राम जानकी की वंदना के साथ भरत मिलाप भी हुआ. सीएम योगी ने रामकथा पार्क के मंच पर श्रीराम का राजतिलक किया.

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श्रीराम राज्याभिषेक समारोह के दौरान रामकथा पार्क जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा. सीएम योगी ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ का भी तिलक कर माल्यार्पण किया और आरती उतारी. इसे बाद मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए और दीप प्रज्ज्वलित किया और फिर सरयू की महाआरती में शामिल हुए. 

अयोध्या के श्री रामकथा पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन का प्रारंभ जय श्रीराम और सरयू मैया की जय के नारों से किया. उन्होंने सभी सनातनियों को दीपोत्सव 2025 की बधाई दी. सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या एक ऐसी नगरी है, जहां धर्म मानव स्वरूप में उत्पन्न हुआ है. उन्होंने कहा कि हमने 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ किया और सभी के सहयोग से दीपोत्सव की परंपरा प्रारंभ हुई. आज यह आयोजन अपनी भव्यता के लिए जाना जाने लगा है.

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ये दीपक 500 वर्षों के अंधकार पर विजय के प्रतीक

अयोध्या दीपोत्सव के अवसर पर बोलते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'ये दीपक केवल दीपक नहीं हैं; ये दीपक 500 वर्षों के अंधकार पर आस्था की विजय के प्रतीक भी हैं. ये दीपक इस बात के प्रतीक हैं कि उन 500 वर्षों में हमें किस प्रकार का अपमान सहना पड़ा और हमारे पूर्वजों को किस प्रकार के संघर्ष करने पड़े. उस समय भगवान श्री राम एक तंबू में विराजमान थे और अब, जब दीपोत्सव का 9वां संस्करण मनाया जा रहा है, भगवान राम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हैं.'

 

 

वे गोली चलवाते थे, हम दीप जलाते हैं: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव के मौके पर अपने संबोधन में बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'जो लोग राम भक्तों पर गोलियां चलवाते हैं वो राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा मे नहीं आते हैं. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर ना बने इसके लिए अधिवक्ता खड़े किए. उन्होंने गोली चलाई, हम दीप जला रहे हैं. उन्होंने अयोध्या को फैजाबाद बनाया था, हमने फिर से अयोध्या बना दिया.'

उत्तर प्रदेश में अब अपराधी भयभीत हैं: CM योगी

योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, 'आज प्रदेश में कानून का राज है. पहले त्योहारों के समय दंगे होते थे. पहले लोग सोच नहीं सकते थे कि प्रदेश में शांति हो भी सकती है. आठ साल के बाद यूपी माफियाराज और गुंडाराज से मुक्त हो चुका है. अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है. अब अपराधी भयभीत हैं. किसान खुशहाल हैं. युवाओं के लिए अवसर हैं और महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं. हर हृदय में उत्साह और उमंग है.'

सीएम योगी ने कहा, 'हर दीप हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता. सत्य की नियति होती है विजयी होने की. विजयी होने की उस नियति के साथ सनातन धर्म लगातार 500 वर्षों तक संघर्ष करता रहा. उन संघर्षों की परिणति स्वरूप अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ.'

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