गांव की चौपाल हो, मेला हो या फिर किसी सड़क किनारे बैठा कोई अनजान शख्स- अचानक कोई आकर धीमी आवाज में कहे, भाई साहब, यहां पास में जमीन के नीचे खजाना दबा है...! सुनने वाले की आंखों में चमक आ जाए, दिल में लालच जाग जाए और दिमाग काम करना बंद कर दे- बस यहीं से शुरू होता था इस ठग गिरोह का खेल.
यूपी के औरैया में ऐसा ही एक शातिर गैंग एक्टिव था, जो लोगों को जमीन में गड़े खजाने का सपना दिखाकर ठगता था. इस गैंग में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे. इनका तरीका इतना चालाक था कि आम आदमी आसानी से इनके जाल में फंस जाता था.
गैंग के सदस्य पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों, गांवों या मेलों में अपने शिकार की तलाश करते थे. जैसे ही कोई सीधा-सादा व्यक्ति मिलता, वे उससे दोस्ताना अंदाज में बात शुरू करते. फिर धीरे-धीरे खजाने की कहानी छेड़ते- बताते कि उन्हें कहीं खुदाई में सोने की माला या गहने मिले हैं, लेकिन वे इसे खुले में बेच नहीं सकते.
यहीं से शुरू होता था असली खेल. शिकार को भरोसा दिलाने के लिए ये लोग पहले असली सोने का एक छोटा टुकड़ा दिखाते थे. कई बार उसे जांच कराने की भी छूट देते, ताकि सामने वाला पूरी तरह विश्वास कर ले. जब भरोसा बन जाता, तो फिर उसे सस्ते दाम में खजाना बेचने का लालच दिया जाता.
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लालच के इस जाल में फंसकर लोग बड़ी रकम देने को तैयार हो जाते. जैसे ही पैसे हाथ में आते, गैंग के सदस्य उन्हें नकली सोने की भारी-भरकम माला थमा देते- जो दिखने में बिल्कुल असली लगती थी, लेकिन असल में सिर्फ पीली धातु होती थी. और जब तक शिकार को ठगी का एहसास होता, तब तक ये लोग वहां से फरार हो चुके होते.
इस शातिर खेल का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस को लगातार ऐसी ठगी की शिकायतें मिलने लगीं. औरैया के दिबियापुर थाना पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर इस गिरोह को पकड़ने की योजना बनाई.
27 मार्च को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने अजमतपुर रोड स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पास घेराबंदी की. जैसे ही संदिग्ध लोग वहां पहुंचे, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को दबोच लिया.
गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं. तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से करीब चार किलो नकली पीली धातु की मालाएं बरामद कीं. इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, तीन मोबाइल फोन और 24,500 रुपये नकद भी मिले.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठग रहे थे. गांवों और मेलों में जाकर खजाने की कहानी सुनाकर लोगों को फंसाना और फिर नकली सोना थमाकर फरार हो जाना- यही उनका तरीका था.
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ पहले भी शिकायतें दर्ज थीं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और पूरे गिरोह को पकड़ लिया.
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. साथ ही उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
सूर्य प्रकाश शर्मा