अमरोहा में सांप के डसे किशोर को 12 घंटे गंगा में डुबोकर रखा, घंटों चलता रहा 'जहर उतारने' का टोटका; अंत में बहाया शव

उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने आधुनिक युग में भी फैले गहरे अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश की है. जहां विज्ञान और तकनीक के दौर में समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है, वहीं यहां झाड़-फूंक के चक्कर में एक किशोर को 'मौत के घाट' उतार दिया गया.

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किशोर को अस्पताल ले जाने के बजाय टोटके पर जताया भरोसा.(Photo:Screengrab) किशोर को अस्पताल ले जाने के बजाय टोटके पर जताया भरोसा.(Photo:Screengrab)

बी एस आर्य

  • अमरोहा,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

UP News: अमरोहा जिले में अंधविश्वास की एक ऐसी घटना घटी है, जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यहां एक किशोर की जान सांप के जहर से ज्यादा, समय पर इलाज न मिलने और परिजनों के पुराने ख्यालों की वजह से चली गई.

आदमपुर थाना इलाके के गांव पीतमपुरा का यह मामला है. किशोर अपने घर के पास भूसा निकालने गया था, तभी उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया. सांप के काटने के बाद वह अचेत हो गया. परिजनों ने उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास का रास्ता चुना. वे उसे गंगा किनारे ले गए और उसके हाथ-पैर बांधकर बहते पानी में घंटों तक डुबोकर रखा.

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दावा और हकीकत
ग्रामीणों और तांत्रिकों का मानना था कि गंगा में इस तरह रखने से जहर उतर जाएगा. करीब 12 घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा, जबकि किशोर की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया.

मौत के बाद शव को बहाया
हैरानी की बात यह है कि जब किशोर ने दम तोड़ दिया, तो परिजनों ने उसकी सुध लेने या पुलिस को सूचित करने के बजाय उसके शव को गंगा की लहरों में ही प्रवाहित कर दिया. देखें VIDEO:- 

स्वास्थ्य विभाग का बयान
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि किशोर को किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं लाया गया था. यदि उसे समय पर एंटी-वेनम मिल जाता, तो उसकी जान आसानी से बच सकती थी. उन्होंने इस पूरी घटना को स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और झाड़-फूंक के प्रति बढ़ते रुझान का नतीजा बताया.

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