उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अभी से ही चुनावी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. धीरे-धीरे उनकी रणनीति सामने आ रही है और यह साफ दिख रहा है कि वह इस बार महिलाओं, युवाओं, किसानों और बुजुर्गों को साधने की कोशिश कर रहे हैं.
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की रणनीति को देखते हुए अपने वादों का पिटारा खोलना शुरू कर दिया है. उन्हें अंदाजा है कि बीजेपी आने वाले समय में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश करेगी. इसके अलावा सरकारी नौकरियों के जरिए युवाओं को, किसानों की सम्मान राशि बढ़ाकर किसानों को और महिलाओं के खाते में पैसे डालकर उन्हें लुभाने की तैयारी की जा सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने अपनी घोषणाओं की शुरुआत कर दी है.
विपक्ष के बड़े चेहरे के रूप में अखिलेश यादव अब 2027 से पहले मतदाताओं से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. वह अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग वादे कर रहे हैं और इन वादों को धीरे-धीरे सामने ला रहे हैं. उनकी कोशिश है कि चुनाव से पहले ही एक मजबूत नैरेटिव तैयार किया जाए, जिससे जनता के बीच उनकी पकड़ मजबूत हो सके.
2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने तेज की सियासी तैयारी
कुछ हफ्ते पहले लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो हर महिला को सालाना 40 हजार रुपये उसके खाते में दिए जाएंगे. इसके साथ ही समाजवादी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की बात भी कही गई है. इस योजना के तहत बुजुर्गों, विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन की राशि बढ़ाने का वादा किया गया है.
बिजली को लेकर भी अखिलेश यादव ने बड़ा संकेत दिया है. उन्हें लगता है कि चुनाव से पहले बीजेपी 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान कर सकती है. इसी के जवाब में उन्होंने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही है. यह बयान उन्होंने लखनऊ में अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान दिया. बुंदेलखंड से आए कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्होंने यह संकेत दिया.
किसानों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव सक्रिय नजर आ रहे हैं. उन्होंने पहले ही किसानों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उनकी सरकार आती है तो किसानों को जमीन का मुआवजा बाजार दर से ज्यादा दिया जाएगा. उनका मानना है कि किसानों को उनकी जमीन का सही मूल्य मिलना चाहिए.
महिलाओं को 40 हजार सालाना और समाजवादी पेंशन का वादा
युवाओं के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं. अखिलेश यादव ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बड़े स्किल हब बनाने की बात कही है. इसके अलावा सरकारी नौकरियों में बढ़ोतरी और बैकलॉग पदों को भरने का वादा भी किया गया है. युवाओं को ध्यान में रखते हुए यह घोषणाएं काफी अहम मानी जा रही हैं.
इन सभी घोषणाओं को समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया जाएगा. हालांकि पार्टी अभी अलग-अलग स्तर पर मतदाताओं का फीडबैक ले रही है. इसके लिए विभिन्न एजेंसियों को भी मैदान में उतारा गया है.
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां भी इस बार अहम भूमिका निभा सकती हैं. बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी रणनीति संभाल चुकी I-PAC भी जल्द ही उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो सकती है. यह एजेंसी जमीन पर काम कर अखिलेश यादव के वादों की व्यवहारिकता और उनके प्रभाव का आकलन करेगी.
किसानों के लिए बढ़ा मुआवजा और सहायता राशि बढ़ाने का ऐलान
अखिलेश यादव को यह भी पता है कि बीजेपी ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर मजबूत नैरेटिव तैयार किया है. योगी सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करती रही है. ऐसे में समाजवादी पार्टी के सामने चुनौती है कि वह इस नैरेटिव का जवाब तैयार करे.
इसी वजह से अखिलेश यादव 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं. वह बीजेपी से दो कदम आगे रहने की कोशिश कर रहे हैं और जनता के बीच अपनी योजनाओं को धीरे-धीरे पेश कर रहे हैं. आने वाले समय में उनके और भी कई बड़े ऐलान सामने आ सकते हैं, जो चुनावी माहौल को और गर्म कर सकते हैं.
कुमार अभिषेक