Uttar Pradesh News: आगरा में ट्रांसपोर्ट कारोबारी असगर अली की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. परिवार ने इस पूरे मामले को हत्या बताते हुए गंभीर GST अधिकारी निवेदिता सिंह और उसके पति डॉ अजय पाल यादव जो नगर निगम में अधिकारी है, उन पर हत्या के आरोप लगाए हैं. जबकि पुलिस अब भी इसे सड़क हादसा मान रही है. आरोप है कि जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर निवेदिता सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ दी गई तहरीर पर अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे परिजन आक्रोशित हैं.
दरअसल, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी असगर अली की शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. लेकिन परिजन इस घटना को महज एक्सीडेंट नहीं, बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या बता रहे हैं. अब इस मामले में एक और सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है.
सीसीटीवी फुटेज में करीब रात 3 बजे का समय दिखाई दे रहा है, जिसमें असगर अली अपने गोदाम की ओर जाते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक कार उन्हें टक्कर मारते हुए निकल जाती है.
परिजनों का आरोप है कि असगर अली सड़क के किनारे चल रहे थे, तभी अचानक कार ने उन्हें रौंद दिया. उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश है. परिवार का दावा है कि घटना से एक दिन पहले असगर अली ने जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसके अगले दिन फिर उनकी गाड़ी पकड़ी गई और बिना कागज देखे कार्रवाई की गई.
परिजनों के मुताबिक, घटना के समय कई अन्य वाहन वहां से गुजरे, लेकिन किसी से टक्कर नहीं हुई. सीसीटीवी में कार के हॉर्न की आवाज भी सुनाई नहीं दे रही है और ना ही ड्राइवर द्वारा बचाने की कोई कोशिश दिखाई दे रही है, जिससे उन्हें हत्या का शक और गहरा हो गया है.
इस मामले में शिकायतकर्ता अब्दुल अली ने दो कथित पत्रकारों, जीएसटी अधिकारी और उनके पति के खिलाफ शिकायत दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. हालांकि, अब तक इस तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है.
डीसीपी सिटी अली अब्बास का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में प्रथम दृष्टया यह सड़क हादसा ही प्रतीत हो रहा है. हालांकि, यदि परिजन दोबारा तहरीर देते हैं, तो मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी.
नितिन उपाध्याय