उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के तहत सिंगापुर के बाद बुधवार सुबह जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे. यहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. टोक्यो के वाइस गवर्नर जुनिची इशिदेरा, जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक और बड़ी संख्या में उपस्थित भारतीय समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जापान यात्रा है.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी के सिंगापुर प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले. इसके साथ ही करीब 60 करोड़ रुपये के सहमति पत्रों (MoUs) को अंतिम रूप दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश से जुड़े ये पहल उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे.
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सिंगापुर में उनकी टेमासेक, GIC, यूएससी, जीएसएस ग्रीन, सैप कोर्स और ब्लैकस्टोन जैसी वैश्विक निवेश संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ के साथ सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं और निवेशकों के लिए राज्य में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मौजूद है.
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 और 26 मार्च को यहां रहेंगे. इस दौरान वह आठ प्रमुख जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा जापान की हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में लगभग 100 किलोमीटर की यात्रा करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित भी करेंगे. मुख्यमंत्री की यह यात्रा केवल तकनीकी अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
मंजीत नेगी