इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि अमेरिका में अबकी बार किसका राजतिलक होगा? सवाल यह भी है कि क्या अमेरिका अगले कुछ घंटे में इतिहास रचने वाला है? अबकी बार फिर ट्रंप सरकार या फिर पहली बार महिला राष्ट्रपति अमेरिका में होंगी? जो भी होगा इतिहास तो बनेगा.
क्योंकि अगर डोनाल्ड ट्रंप अगर जीते तो 131 साल में कमबैक करने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे. लेकिन अगर कमला हैरिस जीतीं तो अमेरिका 236 साल पुराने चुनावी इतिहास को बदल देगा. क्योंकि तब कमला अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी. कुल मिलाकर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति का चुनाव ऐतिहासिक ही साबित होने वाला है. लेकिन इतिहास बनने में क्या एक फीसदी वोट से खेल हो सकता है? ये जान लेते हैं.
भारत के समय मुताबिक शाम चार बजे मतदान अमेरिका में शुरू हुआ. अमेरिका में ये वोटिंग अभी लगभग 11 घंटे और चलनी है. सुबह 9 बजे तक वोटिंग होनी है. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अब तक के पोल में ट्रंप और कमला के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है.
इतिहास क्यों रचने जा रहा अमेरिका का ये चुनाव
जो भी होगा इतिहास होगा. ऐसा इतिहास जो अमेरिका में कम से कम एक सदी बाद होगा. दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्राध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ते ट्रंप और और पहली बार प्रेसीडेंट बनने के लिए उतरीं कमला हैरिस का फैसला 15 करो़ड़ वोटर्स के हाथ में है. जहां पहली बार 7 करोड़ से ज्यादा वोट पहले ही पड़़ चुके हैं. ये भी एक इतिहास ही है. क्योंकि कोरोना काल में 2020 का चुनाव छोड़ दें तो कभी भी 7 करोड़ वोटर ने अर्ली वोटिंग यानी वोटिंग डे से पहले ही अपना वोट नहीं डाला था.
जहां 40 प्रतिशत वोटर पहले ही वोट डल चुके हैं, वहां मुकाबला कड़ा बताया जा रहा है. इतना कड़ा कि ट्रंप और कमला हैरिस के बीच एक फीसदी वोट का अंतर ही अब माना जा रहा है. कांटे की टक्कर ऐसी चल रही है कि वोटिंग के बीच ही जब न्यू हैंपशायर के डिक्सविल नॉच में कमला और ट्रंप दोनों को 3-3 वोट ही मिले. क्योंकि यहां सिर्फ छह वोट थे. वोटिंग के 12 मिनट बाद के पहले परिणाम में ये फिफ्टी फिफ्टी वाली टक्कर ही कहती है कि जो होगा ऐतिहासिक होगा.
कौन बनाएगा इतिहास? ट्रंप या कमला?
इतिहास इसलिए भी बनेगा क्योंकि अगर ट्रंप ने चुनाव जीता तो अमेरिका में वो होगा जो 131 साल में नहीं हुआ. ट्रंप चुनाव जीते तो 131 साल में कमबैक करने वाले अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे. कमबैक यानी एक बार प्रेसीडेंट, फिर हार और फिर राष्ट्रपति बनने वाले ट्रंप पहले होंगे. इससे पहले 1893 में ऐसा हुआ था. वहीं अगर कमला हैरिस ने चुनाव जीता तो इतिहास इसलिए होगा क्योंकि 236 साल में पहली बार अमेरिका को तब महिला राष्ट्रपति मिलेंगी. अब सवाल है कि ये इतिहास अमेरिका में कौन बनाएगा? ट्रंप या कमला?
अमेरिका के चुनाव में क्या बारिश खेल बिगाड़ेगी?
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक वोटिंग के दौरान 3 बड़े स्विंग स्टेट्स- पेन्सिल्वेनिया, विस्कॉन्सिन और मिशिगन में बारिश हो रही है. 1960 और 2000 के चुनावों में भी वोटिंग के दिन स्विंग स्टेट्स में बारिश हुई थी. दोनों ही चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की जीत हुई थी. 2007 में हुई एक रिसर्च में पता चला था कि रिपब्लिकन वोटर खराब मौसम में भी वोट डालने जाते हैं. जबकि, डेमोक्रेट वोटर खराब मौसम में वोट डालने जाने से बचते हैं.
पेंसिलवेनिया पर टिकीं सबकी निगाहें
अमेरिका में मुकाबला कितना कांटे का है. उसका अंदाजा आपको पेंसिलवेनिया राज्य के चुनाव को लेकर आए सर्वे से पता चलेगा. आप हैरान रह जाएंगे कि पेंसिलवेनिया को लेकर अमेरिका में 25 अलग-अलग सर्वे हो चुके हैं और सभी 25 सर्वे में ट्रंप और हैरिस के बीच बराबर की टक्कर बताई जा रही है. यानी अमेरिका के 50 राज्यों में अकेला यही राज्य ऐसा है जहां कौन जीत रहा है-इसका रुझान देने में सर्वे भी नाकाम हैं. पेंसिलवेनिया को लेकर दो दिलचस्प तथ्य हैं. पहला कि ये डेमोक्रेट्स का गढ़ माना जाता है और दूसरा ये कि यहीं पर डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था. अब सवाल ये है कि पेंसिलवेनिया जैसे डैमोक्रेटिक पार्टी के गढ़ में ट्रंप का बराबरी पर आना क्या संकेत देता है? अगर ट्रंप अपने विरोधी के गढ़ में बराबरी पर चल रहे हैं तो ये कहीं उनकी चल रही आंधी की तरफ तो इशारा नहीं करता?
आजतक ब्यूरो