पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बाद बीजेपी एक बड़ी पार्टी के रूप में उभरती हुई दिखाई दे रही है. शुरुआती रुझान (3 बजे) में बीजेपी 191 सीट पर आगे है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी लगभग 97 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. यानी बीजेपी को बढ़त और टीएमसी को नुकसान का दावा किया जा रहा है, हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
इस बीच सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक पुराना चुनावी भाषण तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को 'टाटा बाय-बाय' कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि शाह ने जो कहा था, वही अब सच होता दिख रहा है.
वीडियो में अमित शाह एक चुनावी रैली के दौरान कहते हैं कि 4 मई को सुबह काउंटिंग शुरू होगी, 8 बजे बैलेट बॉक्स खुलेंगे, 9 बजे पहला राउंड पूरा होगा, 10 बजे दूसरा राउंड खत्म होगा और 1 बजे तक दीदी सत्ता से बाहर हो जाएंगी… 'टाटा, बाय-बाय'. यही बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है और लोग इसे चुनावी नतीजों से जोड़कर देख रहे हैं.
देखें वायरल बयान
दरअसल, यह भाषण पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान दुम-दुम में आयोजित एक रैली का है. अमित शाह ने यह बयान 22 अप्रैल 2026 को दिया था, जिसमें उन्होंने 4 मई को आने वाले नतीजों को लेकर यह भविष्यवाणी की थी. इसी भाषण की “टाटा बाय-बाय” वाली लाइन अब सबसे ज्यादा वायरल हो रही है.
अमित शाह का यह 'टाटा बाय-बाय' वाला बयान उनके भाषण के लगभग छठे मिनट में आता है, जहां अमित शाह 4 मई की मतगणना का जिक्र करते हुए कहते हैं कि दोपहर 1 बजे तक दीदी सत्ता से बाहर हो जाएंगी… टाटा, बाय-बाय.
Watch LIVE: HM Shri @AmitShah addresses public meeting in Dum Dum, West Bengal. #BJPGorbeBanglarSorkar https://t.co/CvMeLeHuOY
अपने संबोधन में अमित शाह ने टीएमसी सरकार पर कई आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को शरण देकर उन्हें वोटबैंक में बदला जा रहा है और इसी वजह से कोलकाता 'झुग्गियों का शहर' बन गया है. उन्होंने यह भी वादा किया कि बीजेपी सत्ता में आने पर कोलकाता की खोई हुई पहचान और गौरव को वापस लाएगी.
ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि 4 मई को मतगणना सुबह शुरू होगी और दोपहर 1 बजे तक सत्ता परिवर्तन हो जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी और वामपंथियों के लंबे शासन के कारण शहर की हालत खराब हुई है, जबकि देश के कई शहर झुग्गी-मुक्त हो चुके हैं, लेकिन इस दिशा में बंगाल में पर्याप्त काम नहीं हुआ.
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