100 फीट के खंभे पर बांसुरी बजा रहा शख्स, साथ में उड़ते दिखे लोग! देखें वीडियो

मेक्सिको की प्राचीन परंपरा Voladores de Papantla इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस अनोखे धार्मिक कार्यक्रम में लोग 80–100 फीट ऊंचे खंभे से रस्सियों के सहारे हवा में घूमते हुए नीचे आ रहे हैं.

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यह पूरा प्रदर्शन काफी खतरनाक भी होता है. ( Photo: Instagram/@omargonval) यह पूरा प्रदर्शन काफी खतरनाक भी होता है. ( Photo: Instagram/@omargonval)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक बहुत ऊंचे खंभे पर चढ़कर हवा में घूमते हुए नीचे आते नजर आ रहे हैं. पहली नजर में यह किसी खतरनाक स्टंट जैसा लगता है, लेकिन असल में यह एक सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है, जिसे Voladores de Papantla कहा जाता है. यह परंपरा मेक्सिको के आदिवासी समुदायों से जुड़ी हुई है और इसे 'उड़ने वालों का नृत्य' भी कहा जाता है. इसमें कुल पांच लोग हिस्सा लेते हैं. एक व्यक्ति खंभे के सबसे ऊपर बैठकर बांसुरी या ढोल बजाता है, जबकि बाकी चार लोग रस्सियों से बंधकर ऊपर से कूदते हैं और गोल-गोल घूमते हुए धीरे-धीरे जमीन तक उतरते हैं. यह सीन ऐसा लगता है जैसे वे हवा में उड़ रहे हों.

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कलाकार सिर्फ रस्सियों के भरोसे यह प्रदर्शन करते हैं, इसलिए इसमें बहुत अभ्यास और साहस की जरूरत होती है.

यह पूरा प्रदर्शन काफी खतरनाक भी होता है, क्योंकि खंभा लगभग 30 मीटर (करीब 80–100 फीट) ऊंचा होता है और कई बार इसमें ज्यादा सुरक्षा इंतजाम नहीं होते.

लगभग 600 साल पुरानी परंपरा
इस परंपरा को “Papantla Flyers” भी कहा जाता है और यह लगभग 600 साल पुरानी मानी जाती है.  यह मेक्सिको के टोटोनाक (Totonac) आदिवासी समुदाय से जुड़ी हुई एक धार्मिक और सांस्कृतिक रस्म है. इसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति, खासकर सूर्य और धरती को सम्मान देना और अच्छी बारिश और फसल की कामना करना होता है.

इस अनुष्ठान में कुल 5 लोग हिस्सा लेते हैं. इनमें से एक व्यक्ति, जिसे 'Caporal' कहा जाता है, खंभे के सबसे ऊपर खड़ा होता है. वह एक बांसुरी और छोटा ढोल बजाता है. यह संगीत सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होता, बल्कि माना जाता है कि यह पक्षियों और प्रकृति की आवाजों का प्रतीक है और भगवान को प्रसन्न करने के लिए बजाया जाता है.

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अच्छी बारिश और फसल के लिए अनुष्ठान 
इस परंपरा में एक  व्यक्ति सबसे ऊपर खड़ा 'Caporal' होता है और चार लोग (Voladores) खंभे के ऊपर से रस्सियों के सहारे नीचे कूदते हैं और गोल-गोल घूमते हुए धीरे-धीरे जमीन तक आते हैं. जब वे नीचे उतरते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे हवा में उड़ रहे हों. इस परंपरा का काफी अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. माना जाता है कि यह अनुष्ठान अच्छी बारिश और अच्छी फसल के लिए किया जाता था. इसमें चार लोग चार दिशाओं—उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—का प्रतीक होते हैं. खास बात यह है कि हर व्यक्ति नीचे आते समय लगभग 13 चक्कर लगाता है, यानी कुल 52 चक्कर, जो प्राचीन मेक्सिकन कैलेंडर का प्रतीक माने जाते हैं.

नहीं होते सुरक्षा के इंतजाम
हालांकि यह परंपरा जितनी खूबसूरत दिखती है, उतनी ही खतरनाक भी है. यह खंभा करीब 80 से 100 फीट ऊंचा होता है और कई बार इसमें ज्यादा सुरक्षा इंतजाम भी नहीं होते. लोग सिर्फ रस्सियों के सहारे इस पूरे प्रदर्शन को पूरा करते हैं, इसलिए जरा सी गलती भी जानलेवा हो सकती है. यही वजह है कि यह परंपरा करने के लिए काफी अभ्यास और साहस की जरूरत होती है. आज के समय में यह परंपरा एक सांस्कृतिक प्रदर्शन बन चुकी है और इसे त्योहारों तथा पर्यटन के दौरान दिखाया जाता है. इसकी खासियत और महत्व को देखते हुए इसे UNESCO द्वारा 'Intangible Cultural Heritage' का दर्जा भी दिया गया है. 

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