महिला के जुड़वां भाई से थे संबंध... अब बच्चे के पिता पर कंफ्यूजन! DNA से भी नहीं चला पता

ब्रिटेन में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून और विज्ञान दोनों को उलझा दिया है. एक महिला के बच्चे का पिता कौन है, यह तय नहीं हो पा रहा क्योंकि दोनों संभावित पिता जुड़वां भाई हैं. हैरानी की बात यह है कि डीएनए टेस्ट भी इस रहस्य को सुलझा नहीं पाया. अब कोर्ट ने क्या कहा और आगे क्या होगा, जानिए पूरी खबर…

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UK woman gets pregnant by identical twins, the twist lies in the paternity test UK woman gets pregnant by identical twins, the twist lies in the paternity test

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

ब्रिटेन से एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बच्चे के पितृत्व को लेकर कोर्ट भी साफ जवाब नहीं दे पा रहा. मामला एक महिला और जुड़वां भाइयों से जुड़ा है, जिनकी पहचान कानूनी कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है.

द सन की  रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के दोनों जुड़वां भाइयों के साथ कुछ दिनों के अंतराल में संबंध थे. यही वजह है कि जब बच्चा हुआ, तो यह तय करना मुश्किल हो गया कि असली पिता कौन है.

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मामला पहले फैमिली कोर्ट में पहुंचा, जहां जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज पिता का नाम हटाने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद केस कोर्ट ऑफ अपील तक गया, जहां जजों ने इस पर विस्तार से सुनवाई की.

 बच्चे का पिता कौन है, ये पता लगाना मुश्किल

कोर्ट में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या डीएनए टेस्ट के जरिए यह तय किया जा सकता है कि पिता कौन है. लेकिन सुनवाई में सामने आया कि मौजूदा डीएनए तकनीक समान जुड़वां भाइयों के बीच फर्क नहीं कर सकती.जजों ने माना कि भविष्य में विज्ञान इतना आगे बढ़ सकता है कि यह संभव हो जाए, लेकिन फिलहाल या तो यह तकनीक उपलब्ध नहीं है या फिर बेहद महंगी है.कोर्ट ने साफ कहा कि इस समय सच्चाई यह है कि बच्चे का पिता इन दोनों में से कोई एक है, लेकिन यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन.

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सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि दोनों भाइयों के महिला के साथ संबंध उसी समय बने थे, जब बच्चे का गर्भधारण हुआ था. इसलिए दोनों के पिता होने की संभावना बराबर है.कोर्ट ने फिलहाल जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज व्यक्ति की पेरेंटल जिम्मेदारी हटा दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह पिता नहीं है.जजों ने कहा कि किसी बात को साबित न कर पाना और उसे गलत साबित करना, दोनों अलग बातें हैं.

क्यों नहीं बता पाता डीएनए टेस्ट?

समान जुड़वां एक ही अंडाणु और शुक्राणु से बनते हैं. इस वजह से उनका डीएनए लगभग एक जैसा होता है.यही कारण है कि सामान्य डीएनए टेस्ट उन्हें अलग नहीं कर पाता.

क्या आगे मिल सकता है जवाब?

यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है. कोर्ट आगे यह तय करेगा कि जब तक पितृत्व स्पष्ट नहीं होता, तब तक बच्चे की जिम्मेदारी कैसे तय की जाए.यह केस दिखाता है कि कभी-कभी कानून और विज्ञान दोनों की सीमाएं सामने आ जाती हैं. जहां सच सामने होते हुए भी उसे साबित करना आसान नहीं होता.

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