आवारा कुत्तों की गिनती करेंगे दिल्ली के टीचर्स? सरकार बोली- AAP ने फैलाया भ्रम

दिल्ली में स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती का काम नहीं सौंपा गया है, बल्कि स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल परिसर में आवारा कुत्ते न घुसने पाए, इसके लिए जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया गया है.

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दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों को अपने इलाकों में आवारा कुत्तों की गिनती करने का काम सौंपा गया है. ( Photo: Pixabay) दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों को अपने इलाकों में आवारा कुत्तों की गिनती करने का काम सौंपा गया है. ( Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:12 PM IST

दिल्ली सरकार ने शहर में आवारा कुत्तों की गिनती कराने के लिए स्कूल टीचर की ड्यूटी लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है. ऐसी खबर तेजी से फैल रही थी कि शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने की ड्यूटी दी जाएगी. इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी बहस शुरू हो गई है. वहीं अब शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करनी होगी. दिल्ली के मंत्री ने भी इसपर सफाई दी है.

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दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूली बच्चों को आवारा कुत्तों से सुरक्षा के उपाय करने के लिए नोडल अधिकारी बनाने का आदेश दिया था. शिक्षा निदेशालय ने बताया कि  सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें बताया गया था कि - सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रे, किड्स पे प्राइस". इसको लेकर सचिव, शहरी विकास की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. बैठक में शिक्षा निदेशालय को इसमें निहित निर्देशों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. खासकर आवारा कुत्तों के स्कूल परिसर में प्रवेश को रोकने के उपाय करने को लेकर निर्देश दिए गए थे.

स्कूलों में आवारा कुत्तों के प्रवेश या निवास को रोकने के लिए चारदीवारी, द्वार और बाड़ को मजबूत करना सुनिश्चित करने को कहा गया था. साथ ही शिक्षा निदेशालय ने परिसर में कुत्तों के रोकथाम के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की बात की थी.  प्राथमिकता के आधार पर प्रत्येक संस्थान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था. नोडल अधिकारी स्कूल का काम था कि कोई भी आवारा कुत्ता स्कूल परिसर में प्रवेश न कर पाए.

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बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता 
दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी वजह से प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है. स्कूलों के आसपास अक्सर आवारा कुत्ते मंडराते रहते हैं. जहां बाउंड्री वॉल नहीं है या गेट नहीं हैं, वहां कुत्ते परिसर के अंदर भी चले आते हैं. 

AAP ने साधा निशाना

शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर हुई तय की गई जिम्मेदारी को लेकर जो गलतफहमी फैली उस पर आम आदमी पार्टी के नेता संजीव झा ने कहा, 'दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार थी जो शिक्षकों को विदेश भेज कर ट्रेनिंग कराती थी, और अब रेखा गुप्ता की सरकार है, जो टीचर्स की ट्रेनिंग तो दूर, उल्टा उन्हें कुत्ता गिनने जैसे कामों में लगा रही है.'

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी आम आदमी पार्टी पर पलटवार किया है. वह बोले कि AAP झूठ और भ्रम फैलाकर जनता को बरगला रही है. दिल्ली सरकार ने किसी भी शिक्षक को आवारा कुत्तों की गिनती करने का आदेश नहीं दिया है.

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