स्वीडन में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 61 साल एक शख्स पर अपनी पत्नी को 120 से ज्यादा मर्दों के साथ जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है. यह मामला अब अदालत में है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.
आरोप है कि इस शख्स ने उत्तरी स्वीडन के क्राम फोर्स के पास स्थित अपने फार्महाउस की एकांत लोकेशन का फायदा उठाया. उसने निगरानी कैमरों और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर अपनी पत्नी पर नियंत्रण बनाया और ऑनलाइन संपर्क में आए पुरुषों के साथ उसे संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. हालांकि आरोपी इन सभी आरोपों से इनकार कर रहा है. उसका कहना है कि जो कुछ भी हुआ, वह आपसी सहमति से हुआ और उसने सिर्फ इन मुलाकातों को आयोजित करने में मदद की.आरोप है कि वह ऑनलाइन पुरुषों को ढूंढकर उनसे पैसे लेता था.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस की तुलना फ्रांस के चर्चित मामले से की जा रही है, जिसमें डोमिनिक पेलिको को अपनी पत्नी को नशा देकर कई वर्षों तक अन्य पुरुषों से दुष्कर्म कराने का दोषी पाया गया था. इसी तरह की गंभीरता इस मामले में भी देखी जा रही है.
पीड़िता अब आरोपी से तलाक ले चुकी है
मुकदमे की सुनवाई स्वीडन के पूर्वी तट पर स्थित छोटे शहर हर्नोसांड में शुक्रवार को शुरू हुई. आरोप पढ़े जाने के दौरान आरोपी शांत खड़ा रहा. इसके बाद अदालत ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के लिए सुनवाई को बंद कमरे में जारी रखा. पीड़िता अब आरोपी से तलाक ले चुकी है और उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
चार्जशीट के अनुसार, आरोपी ने 2022 में यह सब शुरू किया और अक्टूबर 2025 तक यह सिलसिला जारी रहा, जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इस साल की शुरुआत में उस पर कई गंभीर आरोप लगाए गए, जिनमें रेप, रेप की कोशिश और मारपीट शामिल हैं.
अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी ने महिला को नशीले पदार्थ देकर उसकी स्थिति कमजोर की और उसके सीमित सामाजिक दायरे व एकांत स्थान का फायदा उठाकर उस पर दबाव बनाया. इसके अलावा उसने घर में लगे कैमरों के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी, जिनमें कई यौन संबंधों के वीडियो भी रिकॉर्ड हुए. इन वीडियो को अब सबूत के रूप में अदालत में पेश किया जाएगा.
120 पुरुषों की पहचान हुई
आरोप यह भी है कि आरोपी ने महिला को जान से मारने, पेट्रोल डालकर जलाने और उसकी उंगलियां काटने की धमकी दी थी. जांच एजेंसियों ने 120 पुरुषों की पहचान की है, लेकिन फिलहाल 28 के खिलाफ ही मामला दर्ज हुआ है. अधिकांश ने आरोपों से इनकार किया है.
अभियोजकों का कहना है कि आरोपी ने महिला की कमजोर स्थिति और उसके डर का फायदा उठाया, जबकि बचाव पक्ष का दावा है कि आरोपी पर लगाए गए आरोप वास्तविकता से मेल नहीं खाते. अब इस मामले में आगे की सुनवाई में और खुलासों की उम्मीद है.
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