सिंगापुर में 71 वर्षीय भारतीय मूल की एक महिला पर कबूतरों को दाना खिलाने के लिए 3,200 सिंगापुर डॉलर (लगभग 2,26,750 रुपये) का जुर्माना लगाया गया. बता दें कि उसने 6 महीनों में 9 बार पक्षियों को दाना खिलाया था. उस पर सिंगापुर वाइल्डलाइट एक्ट के तहत जुर्माना लगाया गया है. यह घटना शहर के सबसे पुराने हाउसिंग एस्टेट टोआ पेओई में हुआ. सिंगापुर में कबूतरों या अन्य जानवरों को खाना खिलाना एक कानूनी अपराध है.
सभी आरोपों को स्वीकारा
सनमुगनाथन शामला, जो सिंगापुर की नागरिक हैं और टोआ पेओह के ब्लॉक 62बी, लॉरॉन्ग 4 में रहती हैं. उसने वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत अपने आरोपों को स्वीकार किया है. नेशनल पार्क्स बोर्ड (NParks) के अभियोजक ने अदालत को इस बात की जानकारी दी कि शामला जानबूझकर कानून तोड़ रही थीं, क्योंकि उन्हें पहले ही इस अपराध के लिए सजा मिल चुकी थी.
पहले भी कर चुकी है ऐसा
खबरों के अनुसार पक्षियों को दाना खिलाने के लिए उन पर जुर्माना लगने का यह पहला मामला नहीं था.इससे पहले भी उन पर जंगली पक्षियों को दाना खिलाने के लिए जुर्माना लगाया गया था. उस समय उन्होंने वादा किया था कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेंगी. लेकिन एक बार फिर उन्होंने ऐसा ही किया.
पहले भी लगा है जुर्माना
पिछले साल 2025 मई में जंगली पक्षियों को खाना खिलाने के साथ NParks के कबूतर पकड़ने के अभियान में बाधा डालने के लिए उन पर 1,200 सिंगापुर डॉलर (भारतीय रुपये में 86,927) का जुर्माना लगाया गया था. वह टोआ पेयो में अपने अपार्टमेंट के पास अवैध रूप से पक्षियों को खाना खिला रही थीं.
6 महीने में 9 बार किया जुर्म
नेशनल पार्क्स बोर्ड ने कहा कि वह कानून की लगातार अवहेलना करती रही है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि शामला ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच 9 बार यह अपराध दोहराया, जिसमें रात के समय भी कबूतरों को खाना खिलाने के मामले सामने आया है.
महिला ने जुर्माना भरने को लेकर क्या कहा?
वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत बिना लिखित अनुमति के जंगली जानवरों को जानबूझकर खाना खिलाने के अपराध में अधिकतम 10,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है. शामला जब कोर्ट में पेश हुई तो उन्होंने अनुरोध किया कि जुर्माना 1,000 से 2,000 डॉलर के बीच रखा जाए. उन्होंने कहा कि वो बेरोजगार हैं, उनके पास मेडिकल इंश्योरेंस नहीं है.
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