प्लास्टिक में लपेटकर क्यों खाना खा रहे हैं युवा? China का अजीब ट्रेंड वायरल

इस ट्रेंड में लोग अपने मुंह पर प्लास्टिक रैप लगाकर उसके अंदर खाना डालते हैं, उसे चबाते हैं और फिर थूक देते हैं. दावा यह किया जाता है कि बिना कैलोरी लिए दिमाग को ‘फुल’ महसूस कराया जा सकता है.

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इस विचित्र ट्रेंड में लोग अपने मुंह पर प्लास्टिक रैप लगाकर उसके अंदर खाना डालते हैं (Photo;X/@ChinaNipona) इस विचित्र ट्रेंड में लोग अपने मुंह पर प्लास्टिक रैप लगाकर उसके अंदर खाना डालते हैं (Photo;X/@ChinaNipona)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST

सोशल मीडिया पर हर हफ्ते कोई न कोई अजीब ट्रेंड वायरल हो जाता है, और इस बार जो चलन सामने आया है, उसने दुनिया भर के लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. चीन में युवा तेजी से एक खतरनाक वजन घटाने की तकनीक अपना रहे हैं, जिसे 'प्लास्टिक ईटिंग' या 'क्लिंग रैप डाइट' कहा जा रहा है. टिकटॉक, डौयिन (चीन के सोशल मीडिया एप्स) और X पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लाखों व्यूज बटोर रहे हैं.

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क्या है 'प्लास्टिक ईटिंग' ट्रेंड?

इस विचित्र ट्रेंड में लोग अपने मुंह पर प्लास्टिक रैप लगाकर उसके अंदर खाना डालते हैं, उसे चबाते हैं और फिर थूक देते हैं. दावा यह किया जाता है कि बिना कैलोरी लिए दिमाग को 'फुल' महसूस कराया जा सकता है. समर्थकों का कहना है कि इससे क्रेविंग कम होती है और वजन नियंत्रित रहता है. लेकिन वैज्ञानिक इसे पूरी तरह गलत और खतरनाक बता रहे हैं.'चाइना पल्स' सोशल मीडिया पेज ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह ट्रेंड युवा लोगों में तेजी से फैल रहा है और इससे जुड़े ख़तरे बेहद गंभीर हैं।

शरीर पर इसका क्या असर पड़ सकता है?

National Institutes of Health में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार माइक्रोप्लास्टिक शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. माइक्रोप्लास्टिक पेट और आंतों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे दर्द, गैस और मतली हो सकती है. प्लास्टिक के छोटे कण सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं, जिससे खांसी या सांस लेने में दिक्कत होती है. BPA जैसे केमिकल हार्मोन बैलेंस बिगाड़ सकते हैं. लंबे समय तक माइक्रोप्लास्टिक का संपर्क लीवर और फेफड़ों में सूजन बढ़ा सकता है.

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देखें वायरल वीडियो

मेंटल हेल्थ पर भी खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह ट्रेंड मानसिक रूप से भी नुकसानदेह है क्योंकि खाने के साथ अस्वस्थ संबंध बन सकता है.शरीर के प्रति नकारात्मक सोच और चिंता बढ़ सकती है.कैलोरी के डर से बार-बार खाना चबाना और थूकना एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर का रूप ले सकता है.

क्या इससे वजन घटता है?

सीधा जवाब-नहीं है.खाना चबाने के बाद थूक देना शरीर को भूखा ही रखता है, जिसका असर बाद में ज्यादा भूख और ओवरईटिंग के रूप में हो सकता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे त्वरित उपाय शरीर को फायदा नहीं, केवल नुकसान ही पहुंचाते हैं.

कमेंट में लोगों ने क्या कहा

कमेंट में कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि मैंने चीन और कोरिया जैसे देशों को मोटापे के इतने खिलाफ कभी नहीं देखा.एक दूसरे ने कहा कि कृपया इसे शेयर न करें. युवा महिलाएं और लड़कियां वजन कम करने के लिए यह करना शुरू कर देंगी.वहीं किसी का कहना था कि ये बेतुका है. अगर मोटापे से डरते हो तो अपनी डाइट और खाने की आदतों को सही करो, नियमित व्यायाम करो और अनुशासन में रहो.

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