युद्धपोत से दागी मिसाइलें और ईरान में मची तबाही... सेंट्रल कमांड ने Videos में दिखा दिया हमले का सच

अमेरिका ने कैसे समुद्र में तैनात अपने युद्धपोत से ईरान पर मिसाइलें दागी और 'ऑपरेशन इपिक फ्यूरी' शुरू हुआ. पिछले 24 घंटे में अमेरिकी कार्रवाई की एक-एक डिटेल का फुटेज अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया है.

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यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर जारी किया हमले से जुड़ा वीडियो (Photo - X/@CENTCOM) यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर जारी किया हमले से जुड़ा वीडियो (Photo - X/@CENTCOM)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:59 PM IST

यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर पिछले 24 घंटे में कैसे कहर बरपाया. अमेरिकी युद्धपोत से एक के बाद एक सैकड़ों मिसाइलें दागी गईं, जिसने ईरान के शहरों को तबाह कर दिया. सारी कार्रवाई अमेरिका के  'ऑपरेशन इपिक फ्यूरी' के तहत की गई. इन हमलों की तस्वीरें और फुटेज को यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू किया है. साथ ही पोस्ट करके सेंटकॉम ने ईरान की ओर से किए गए दावों का सच बताया है. 

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक हैंडल @CENTCOM से आज एक पोस्ट किया गया है. इसमें सेंट्रल कमांड के चीफ   एडमिरल ब्रैड कूपर की ओर से लिखा गया है -  ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 24 घंटे - राष्ट्रपति ने बड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है और हमारे बहादुर सैनिक, नाविक, एयरमैन, मरीन, गार्डियन और कोस्ट गार्ड्समैन इस आदेश का पालन कर रहे हैं- एडमिरल ब्रैड कूपर, CENTCOM कमांडर

इससे पहले सेंट्रल कमांड ने ईरान पर दागी गई मिसाइलों और तबाही की फुटेज जारी करते हुए एक और पोस्ट जारी किया था. इसमें लिखा है- ईरानी सरकार को चेतावनी दी गई थी. CENTCOM अब निर्देश के अनुसार तेज और निर्णायक कार्रवाई कर रहा है.

सेक्रेट्री ऑफ वॉर ने बताई ऑपरेशन की तात्कालिक वजह
इससे पहले सेंट्रल कमांड ने अमेरिका के सेक्रेट्री ऑफ वॉर पीट हेगसेथ का एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. इसमें पीट ने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर की कार्रवाई और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू करने की तात्कालिक वजहों की जानकारी दी है. पोस्ट में सेक्रेट्री ऑफ वॉर पीट हेगसेथ ने लिखा है -  रातों-रात, प्रेसिडेंट ट्रंप के ऑर्डर पर, डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू कर दिया — जो इतिहास का सबसे खतरनाक, सबसे मुश्किल और सबसे सटीक हवाई ऑपरेशन था.

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ईरानी सरकार के पास मौका था, फिर भी उसने डील करने से मना कर दिया — और अब वे इसके नतीजे भुगत रहे हैं। लगभग पचास सालों से, ईरान अमेरिकियों को टारगेट करता रहा है और उन्हें मारता रहा है, हमेशा अपने कट्टर मकसद को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया के सबसे ताकतवर हथियारों की तलाश में रहा है. पिछली रात, पिछले किसी भी प्रेसिडेंट के उलट, प्रेसिडेंट ट्रंप ने इस कैंसर से निपटना शुरू कर दिया.

हम अमेरिकी लोगों को टारगेट करने वाली ताकतवर मिसाइलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन मिसाइलों को, ईरान के मिसाइल प्रोडक्शन के साथ, खत्म कर दिया जाएगा. ईरानी नेवी को खत्म कर दिया जाएगा और, जैसा कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने अपनी पूरी ज़िंदगी कहा है, ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा.

यूनाइटेड स्टेट्स ने यह लड़ाई शुरू नहीं की, लेकिन हम इसे खत्म करेंगे. अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को मारते हैं या धमकाते हैं — जैसा कि ईरान ने किया है — तो हम आपको ढूंढेंगे, और हम आपको मार डालेंगे. हमारे योद्धा दुनिया में सबसे अच्छे हैं, और वे हमारे मकसद को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. भगवान इस ज़रूरी मिशन में उनकी रक्षा करें.

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अमेरिका ने जंग को लेकर फैक्ट चेक शेयर किया
इसके अलावा सेंट्रल कमांड ने अमेरिका-ईरान जंग को लेकर एक फैक्टचेक भी शेयर किया है. इसमें बताया गया है कि ईरान रिजीम ने 50 अमेरिकी सैनिकों को मारने का दावा किया है, जब यूएस कैजुअल्टी शून्य है. 

आईआरजीसी ने दावा किया कि यूएस नेवी शिप पर मिसाइलें दागी गई, ये झूठ है.  किसी अमेरिकी युद्धपोत पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. आरमडा अभी भी पूरी तरह से ऑपरेशनल है.

यह भी पढ़ें: तब अमेरिकी दूतावास पर चढ़ गए थे खुमैनी के लड़ाके, 47 साल बाद लिया अमेरिका ने अपमान का बदला

ईरानी शासन ने दावा किया है कि कई सारे यूएस बेस को घातक नुकसान पहुंचाया गया है, ये भी झूठ है. यूएस इंस्टॉलेशन को काफी कम नुकसान हुआ है और इसका ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा है.

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