ईरान पर युद्ध का साया मंडरा रहा है. ऐसे में ईरान की निर्वासित राजकुमारी और रजा पहलवी की बेटी नूर पहलवी ने खामेनेई शासन को चैलेंज करते हुए ईरान के नागरिकों से सत्ता परिवर्तन के लिए जोर लगाने की अपील की है. साथ ही उन्होंने अमेरिका से भी इनका वहां के लोगों का साथ देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इससे पहले कभी भी हलात सत्ता में बदलाव के इतने करीब नहीं रहा है.
नूर पहलवी की सत्ता परिवर्तन की भावुक अपील ऐसे समय में आई है जब ईरान की सड़कों पर और दुनिया भर में शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. उनके नए लॉस एंजिल्स स्थित नए घर के सामने भी ईरान में सत्ता परिवर्तन से जुड़ी विशाल रैली निकाली गई थी.
ये विरोध प्रदर्शन राष्ट्रपति ट्रम्प के ईरान के खिलाफ नए सिरे से दी गई मकियों के समानांतर चल रहे हैं. उन्होंने सैन्य हमले पर विचार करते हुए मिड्ल ईस्ट में दो विमानवाहक पोत भेजे हैं और तेहरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है.
ईरान में हालात सत्ता परिवर्तन की काफी करीब
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नूर पहलवी ने कहा कि ईरान के अंदर और बाहर से पड़ रहे दबावों की वजह से पता चलता है कि शासन में बदलाव की इतनी प्रबल संभावना पहले कभी नहीं थी. उन्होंने कहा कि हालात सत्ता परिवर्तन के इतने करीब कभी नहीं रहे और शासन इतना कमजोर कभी नहीं रहा.
एक इंटरव्यू के दौरन नूर ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की आवश्यकता पर जितना जोर दिया जाए उतना कम है.आप जानते हैं, ईरानी जनता इस बारे में बेहद स्पष्ट है. वे किसी खास चीज के लिए तड़प रहे हैं और हमें उनकी बात सुननी चाहिए.उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के लोगों से कहा कि मदद आ रही है और उन्हें सड़कों पर उतरना जारी रखना चाहिए, तो लोगों ने सचमुच उनकी बात सुनी. उन्होंने सड़कों का नाम उनके नाम पर रखा है. वे उनके चेहरे वाले पोस्टर लिए हुए हैं. वे उनसे गुहार लगा रहे हैं कि वे आकर उनकी मदद करें क्योंकि वे इस सरकार से निहत्थे लड़ रहे हैं.
अमेरिका से की मदद की अपील
इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना की भारी संख्या को देखकर मुझे उम्मीद मिलती है. ईरान के अंदर मौजूद कई लोग आशा की किरण लिए बैठे हैं. वे बस इंतजार कर रहे हैं, प्रार्थना कर रहे हैं और मदद आने तक जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं. ईरान के इस्लामी गणराज्य का उदय पहलवी के परिवार से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है. उन्होंने दशकों तक देश में सत्ता परिवर्तन की तैयारी में बिताया है. यह जानते हुए कि शासन का पतन हो जाएगा.
नूर पहलवी ने कहा कि जब वह ईरान में अपने लोगों को पीड़ित होते देखती है, तब उनका दिल टूट जाता है. ईरान एक ऐसी भूमि जहां उसने कभी कदम नहीं रखा, फिर भी वह हमेशा के लिए उसके खून में बसी हुई है. निर्वासित राजकुमारी ने द कैलिफोर्निया पोस्ट के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार में उन भयावह अत्याचारों का वर्णन किया, जो प्रदर्शनकारियों, हजारों माता-पिता और यहां तक कि बच्चों पर क्रूर शासन द्वारा किए गए दमन के दौरान हुए थे.
नूर पाहलवी ने कहा कि बच्चों को सड़कों पर गोली मार दी गई है, शासन विरोधी प्रदर्शनकारियों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को सताया गया है और दर्जनों ईरानियों को गुप्त पूछताछ के लिए अगवा कर लिया गया है, जो अक्सर कभी वापस नहीं लौटते हैं.
यह सचमुच एक ऐसी सरकार है जो अपने ही नागरिकों पर युद्ध छेड़ रही है. इसे देखना और इसके बारे में सुनना बेहद दर्दनाक है. और यहां के लोगों के लिए भी इसे देखना और सुनना मुश्किल है. लेकिन यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इससे मुंह न मोड़ें. 47 साल पहले उनके दादा, ईरान के शाह को सत्ता से हटा दिया था.
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